न्यू नोएडा का मास्टर प्लान तैयार, 32 गांव चिह्नित; 130 मीटर चौड़ी सड़क होगी खासियत

HIGHLIGHTS
- न्यू नोएडा का प्रस्तावित क्षेत्रफल करीब 200 वर्ग किलोमीटर होगा।
- विकास योजना को पांच चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है।
- पहले दो चरणों के लिए 32 गांव चिह्नित किए गए हैं।
- 281 किसान नोएडा प्राधिकरण को जमीन देने की सहमति दे चुके हैं।
नोएडा ने अपने 50 साल के सफर में विकास के नए मुकाम हासिल किए हैं। अब इसके आगे के विस्तार और विकास की योजना के रूप में दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन यानी न्यू नोएडा को तैयार किया जा रहा है। इस नए निवेश क्षेत्र को विकसित करने की जिम्मेदारी भी सरकार ने नोएडा प्राधिकरण को सौंपी है। न्यू नोएडा का मास्टर प्लान-2041 तैयार होकर मंजूर हो चुका है। प्राधिकरण ने यहां जमीन की दरें ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बराबर रखने का फैसला भी किया है।
न्यू नोएडा की योजना तैयार करते समय उन समस्याओं को शुरुआत में ही दूर करने पर ध्यान दिया गया है, जिनका सामना मौजूदा समय में नोएडा को करना पड़ रहा है। इसी वजह से बुलंदशहर के 60 और दादरी के 20 गांवों की जमीन पर प्रस्तावित न्यू नोएडा को अधिक आधुनिक स्वरूप में विकसित करने की योजना है।
अब नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए दो जीएम, 10 वरिष्ठ प्रबंधक और दो लेखपाल तैनात किए गए हैं। शुरुआती दो चरणों के लिए 32 गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें 281 किसान अपनी जमीन नोएडा प्राधिकरण को देने की सहमति दे चुके हैं।
बीच से गुजरेगी 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड
न्यू नोएडा की योजना में कनेक्टिविटी को प्रमुखता दी गई है। यहां सबसे चौड़ी सड़कों का नेटवर्क तैयार करने का प्रस्ताव है। पूरे सड़क नेटवर्क को न्यू नोएडा के बीच से गुजरने वाली करीब 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड से जोड़ा जाएगा। यह सड़क दादरी से शुरू होकर खुर्जा की ओर जाएगी।
खुर्जा की तरफ इस ग्रिड रोड से दो सड़कें निकलेंगी। इनमें से एक खुर्जा जाएगी, जबकि दूसरी जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी देगी।
ग्रिड रोड की योजना तैयार करने वाली टीम का मानना है कि न्यू नोएडा को पूरी तरह निवेश क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां कुल क्षेत्रफल के 40 प्रतिशत हिस्से में उद्योग और वेयरहाउसिंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। बड़े वाहनों की आवाजाही शहर के अंदर समस्याएं पैदा न करे, इसके लिए 130 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना बनाई गई है।
इस मुख्य सड़क से जुड़ने वाली अन्य सड़कें 75 से 105 मीटर तक चौड़ी होंगी। इनके बाद सेक्टर स्तर की सड़कों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिनकी चौड़ाई 45 से 75 मीटर के बीच होगी।
औद्योगिक इकाइयों में कामगारों के रहने की व्यवस्था के लिए भी जगह
न्यू नोएडा की योजना में कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के आवास की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है। योजना के तहत बड़े औद्योगिक भूखंडों में कामगारों के रहने के लिए भी जमीन आरक्षित करने का प्रावधान रखा गया है।
नोएडा में फिलहाल इस तरह की व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, खतरनाक श्रेणी के उद्योगों में कामगारों के आवास के लिए यह प्रावधान लागू नहीं होगा। हालांकि, सामान्य उद्योगों में इसे लागू किया जाएगा।
भूजल से नहीं होगी पानी की सप्लाई, गंग नहर के किनारे लगेंगे 6 प्लांट
नोएडा में पानी की कमी और टीडीएस का स्तर बढ़ने जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए न्यू नोएडा के लिए पहले से जलापूर्ति की योजना बनाई गई है। यहां प्राधिकरण की ओर से की जाने वाली पानी की सप्लाई के लिए भूजल का एक प्रतिशत भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
प्रस्तावित नक्शे के अनुसार, न्यू नोएडा के किनारे से गंग नहर गुजरती है। इससे निकलने वाली दो नहरें क्षेत्र के अंदर से भी गुजरती हैं। इन नहरों को और विकसित करने की योजना है। इनके किनारे कुल 310 एमएलडी क्षमता वाले छह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे।
इनमें गंग नहर के किनारे दो प्लांट 70-70 एमएलडी क्षमता के और एक प्लांट 30 एमएलडी क्षमता का होगा।
लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट हब भी होंगे विकसित
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, केजीपी, जीटी रोड और निर्माणाधीन जेवर एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी के कारण न्यू नोएडा में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विकास की काफी संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां अलग-अलग लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट हब विकसित करने की योजना बनाई गई है।
योजना के तहत 66 हेक्टेयर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, 60 हेक्टेयर में मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब और 182 हेक्टेयर में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इन जमीनों का आवंटन चरणों की बाध्यता से अलग हटकर पहले भी किया जा सकता है।
न्यू नोएडा की योजना को ऐसे समझें
न्यू नोएडा में औद्योगिक इकाइयों और वेयरहाउसिंग के लिए 40 प्रतिशत जमीन निर्धारित करने की योजना है। शहर के बीच से 130 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क गुजरेगी, जिससे पूरे क्षेत्र में ग्रिड नेटवर्क के रूप में सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।
मुख्य सड़क से निकलने वाली सड़कों की चौड़ाई 75 से 105 मीटर के बीच होगी। इनके बाद सेक्टर रोड बनाई जाएंगी, जिनकी चौड़ाई 45 से 75 मीटर तक होगी।
न्यू नोएडा को इनवेस्टमेंट रीजन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसका प्रस्तावित क्षेत्रफल करीब 200 वर्ग किलोमीटर होगा, जबकि नोएडा का क्षेत्रफल 203 वर्ग किलोमीटर है। नोएडा की तुलना में न्यू नोएडा में आवासीय क्षेत्र कम रखा जाएगा। मौजूदा नोएडा में आवासीय क्षेत्र 37 से 38 प्रतिशत है, जबकि न्यू नोएडा में यह हिस्सा केवल 13.44 प्रतिशत प्रस्तावित है। क्षेत्रफल के विवरण में 28.11 वर्ग मीटर का उल्लेख किया गया है।
न्यू नोएडा को पांच चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में 10 प्रतिशत जमीन के अधिग्रहण से काम शुरू होगा। इस चरण में 537.09 हेक्टेयर जमीन पर योजना को धरातल पर उतारा जाएगा। पांचवें चरण की शुरुआत 2041 में करने और इसे 2047 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा से 3 वर्ग किलोमीटर छोटा होगा न्यू नोएडा
नोएडा प्राधिकरण की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव ने बताया कि न्यू नोएडा को निवेश क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका क्षेत्रफल करीब 200 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया गया है, जबकि नोएडा का क्षेत्रफल 203 वर्ग किलोमीटर है। न्यू नोएडा को नोएडा के बराबर क्षेत्रफल देने के उद्देश्य से चार और गांव जोड़ने की सिफारिश की गई है।
मीना भार्गव के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सामने आई समस्याओं से सीख लेते हुए न्यू नोएडा में इन दोनों शहरों की तुलना में अधिक चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यहां सड़कों का नेटवर्क बीच से गुजरने वाली करीब 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड से जुड़ा होगा। इसके बाद दोनों तरफ 105, 75, 70, 60 और 45 मीटर चौड़ी सड़कें निकाली जाएंगी।
जीएम प्लानिंग ने बताया कि 130 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद किसी भी वाहन चालक को न्यू नोएडा के अंतिम छोर तक दाएं या बाएं जाने में मुश्किल से 30 मिनट लगेंगे। सड़क और कनेक्टिविटी की योजना भविष्य की जरूरतों और भारी वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
न्यू नोएडा के 80 गांवों के मास्टर प्लान में जमीन का प्रस्तावित उपयोग
न्यू नोएडा के 80 गांवों के लिए तैयार मास्टर प्लान में अलग-अलग उद्देश्यों के लिए जमीन निर्धारित की गई है। इसका विवरण इस प्रकार है:
| भू-उपयोग | जमीन (हेक्टेयर में) | प्रतिशत |
|---|---|---|
| आवासीय | 2810.52 | 13.44% |
| वाणिज्यिक | 849.96 | 4.06% |
| संस्थागत | 1739.92 | 8.32% |
| सुविधाएं | 195.98 | 0.94% |
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