ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी की हुई पहचान, लश्कर-ए-ताइबा से था कनेक्शन; पाकिस्तानी नागरिक निकला यासिर

HIGHLIGHTS
- ऑपरेशन अशदर में मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई।
- यासिर पाकिस्तान का नागरिक और लश्कर-ए-ताइबा से जुड़ा था।
- सुरक्षाबलों को इलाके में चार से पांच अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।
ऑपरेशन अशदर के दौरान सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के तौर पर हुई है। यासिर पाकिस्तान का नागरिक था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़ा हुआ था।
सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन अशदर के तहत कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को ढेर किया था। पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और गतिविधियों से संबंधित अन्य जानकारियां जुटाने में लगी हुई हैं।
आतंकी नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर
इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों के अभियान में एक महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों पर लगातार नजर रख रही हैं।
यूसमर्ग में ऑपरेशन अशदर के दूसरे दिन सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी
आतंकवाद के खिलाफ पिछले दो दिनों से चल रहे अभियान में सुरक्षाबलों को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। सेना और पुलिस ने अशदर गली के दुर्गम पहाड़ी इलाके में दूसरे दिन भी अभियान जारी रखते हुए ऑपरेशन अशदर के तहत एक आतंकी को मार गिराया। उसके पास से एके-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद हुई है।
सुरक्षाबलों को आशंका है कि इलाके में चार से पांच अन्य आतंकी भी छिपे हो सकते हैं। जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में उनकी तलाश के लिए घेराबंदी जारी है। सेना की चिनार कोर के मुताबिक, सटीक खुफिया सूचना के आधार पर अशदर गली क्षेत्र में आतंकियों की तलाश के लिए संयुक्त अभियान शुरू किया गया था।
यह इलाका यूसमर्ग के दूधपथरी से करीब आठ घंटे की कठिन पैदल चढ़ाई के बाद पहुंचा जा सकता है। सेना की 53 राष्ट्रीय राइफल्स, 10 पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीमें बुधवार से ही यहां आतंकियों की तलाश में जुटी थीं।
वीरवार को जंगल में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने के बाद जवानों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। इसके जवाब में आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के बीच हुई भीषण गोलीबारी के बाद आतंकी घने जंगल में जाकर छिप गए।
शुक्रवार सुबह अभियान को फिर तेज किया गया और मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी मारा गया। उस समय मारे गए आतंकी की पहचान नहीं हो सकी थी। सूत्रों के अनुसार, उसके पाकिस्तानी होने की आशंका जताई गई थी। साथ ही उसके लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही थी। वहीं, कश्मीर जोन के आईजीपी सुजीत कुमार भी मुठभेड़ स्थल के पास पहुंचे और अभियान की स्थिति का जायजा लिया।
रात में घेरे के अंदर ही छिपे रहे आतंकी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, कुछ देर तक हुई गोलीबारी के बाद आतंकियों ने घने जंगल और रात के अंधेरे का फायदा उठाया और घेरे के अंदर ही छिप गए। रात के समय कम दृश्यता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने जंगल से बाहर निकलने के संभावित रास्तों को सील कर घेराबंदी बनाए रखी।
शुक्रवार सुबह रोशनी होने के साथ ही तलाशी अभियान दोबारा शुरू किया गया। इसी दौरान एक आतंकी को मार गिराया गया।
आतंकियों की तलाश में स्निफर डॉग्स भी लगाए गए
सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में शामिल आतंकियों की संख्या चार से पांच हो सकती है। आशंका है कि आतंकियों का यह समूह पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों के रास्ते दक्षिण कश्मीर की ओर जाने का प्रयास कर रहा था।
घने जंगलों, प्राकृतिक गुफाओं और खड़ी चट्टानों वाले इस इलाके में अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान और तेज कर दिया है। आतंकियों की मौजूदगी को पूरी तरह खत्म करने के लिए स्निफर डॉग्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से जंगल में अभियान जारी है।
लेफ्टिनेंट जनरल ने चिनार कोर की कार्रवाई की सराहना की
नॉर्दर्न कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने अशदर गली इलाके में एक आतंकी को मार गिराने के लिए की गई त्वरित और सटीक कार्रवाई पर चिनार कोर की सराहना की।
नॉर्दर्न कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.