सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से PM मोदी ने की बातचीत, बोले- ‘सेवा हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए’

HIGHLIGHTS
- सेवा यात्री 10 समूहों में वड़नगर से वाराणसी तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं।
- पीएम मोदी ने प्रतिभागियों से अपना ध्यान रखने को कहा।
- 20 टीमें कुल 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
- यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्तूबर तक चलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सेवा संकल्प यात्रा में शामिल प्रतिभागियों से संवाद किया। सेवा यात्री 10 समूहों में वड़नगर से वाराणसी तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं। बातचीत के दौरान झाबुआ जिले के एक गांव का नाम ‘मोदी फालिया’ रखे जाने और युवाओं की ओर से मिल रहे समर्थन का भी उल्लेख किया गया।
पुरानी कहावत का जिक्र कर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रतिभागियों से संवाद के दौरान पीएम मोदी ने एक पुरानी कहावत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “एक पुरानी कहावत है कि जब कोई यात्रा से लौटता है और आप उन्हें प्रणाम करते हैं, तो उस यात्रा से मिले आध्यात्मिक पुण्य का आधा हिस्सा प्रणाम करने वाले व्यक्ति को मिल जाता है। इसलिए आज, इन सभी ‘सेवा यात्रियों’ को नमन करके, मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा ले रहा हूं।”
‘सेवा हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए’
पीएम मोदी ने यात्रा में शामिल लोगों से अपना ध्यान रखने की अपील की और सेवा को प्राथमिक उद्देश्य बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सेवा हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए। हमें सिर्फ उपदेश देकर नहीं, बल्कि खुद सेवा करके सेवा का संदेश देना चाहिए। हम अपने कामों से सेवा का संदेश देंगे, सिर्फ बातों से नहीं।”
उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों का आचरण लोगों को यह संदेश देना चाहिए कि राजनीतिक ताकत चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, रास्ता सेवा का ही होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, “हमारा व्यवहार लोगों को यह दिखाना चाहिए कि चाहे हमें कितनी भी बड़ी राजनीतिक ताकत क्यों न मिले, हमारा रास्ता सेवा का ही रहता है।”
यात्रियों से पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, “हम सेवा के इस रास्ते से कभी नहीं भटकेंगे। हम चाहे कितनी भी बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर लें, हम हमेशा ‘सेवा परमो धर्म’ (सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है) के सिद्धांत का पालन करते हुए आगे बढ़ेंगे। कुल 35,500 किलोमीटर की दूरी 20 टीमें तय करेंगी, जिनका एक ही संकल्प होगा - ‘सेवा’।”
क्या है सेवा संकल्प यात्रा?
सेवा संकल्प यात्रा पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को सामने रखने वाले बड़े सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। इसमें शामिल लोग कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों के बीच से गुजर रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सेवा और लोगों की भागीदारी वाली गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।
17 सितंबर से 7 अक्तूबर तक ये टीमें वड़नगर से वाराणसी और वाराणसी से वड़नगर तक का सफर करेंगी। यह यात्रा केवल एक मोटरसाइकिल यात्रा तक सीमित नहीं है। इसमें शामिल लोग कस्बों, जिलों, तालुकों और गांवों से गुजरते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रहे हैं। यह पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को उजागर करने वाले बड़े सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.