मनजिंदर सिंह सिरसा का राहुल गांधी पर निशाना, 1984 के सिख विरोधी दंगों का किया जिक्र

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव किया जाएगा।
- सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू होगा।
- मेट्रो पार्किंग को छोड़कर अन्य पार्किंग का शुल्क दोगुना होगा।
नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस आरोप की तुलना 1984 के सिख विरोधी दंगों से की। सिरसा ने यह बयान इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली से पहले दिया।
सिरसा ने दावा किया कि राहुल गांधी अपने पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी के रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने राहुल पर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मंत्री ने राहुल गांधी के विदेश दौरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल उन विदेशी ताकतों से सीख रहे हैं, जिन्होंने बांग्लादेश, नेपाल और फ्रांस जैसे देशों में अशांति फैलाई।
1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए सिरसा ने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए सिख समुदाय को निशाना बनाया।
1984 के दंगों का जिक्र कर कांग्रेस नेताओं पर लगाए आरोप
मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजीव गांधी, जगदीश टाइटलर, एचकेएल भगत, सज्जन कुमार, कमल नाथ और धरम दास शास्त्री के नाम लिए। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में हिंसा देखी थी।
सिरसा ने कहा कि 1984 में सिखों की हत्याओं के बाद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली थी। उन्होंने राहुल गांधी पर 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली के माध्यम से अशांति फैलाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
सिरसा का आरोप- राहुल निर्दोष बच्चों और उनकी माताओं को बना रहे निशाना
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्ता हासिल करने की लालसा में निर्दोष बच्चों और उनकी माताओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की कथित 'सत्ता परिवर्तन' संबंधी टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए।
सिरसा ने चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने के प्रयासों में विदेशी धन के इस्तेमाल का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर की तारीख देश में अशांति फैलाने और उसे तोड़ने के उद्देश्य से चुनी गई है।
इंडिया गठबंधन ने 29 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की थी। इस सिलसिले में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया है। रैली में छात्र संगठनों और नागरिक समाज के समूहों के भी शामिल होने तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाने की बात कही गई है।
1 नवंबर से दिल्ली में पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से मेट्रो को छोड़कर अन्य स्थानों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। सिरसा के अनुसार, इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मेट्रो से यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके अलावा, सरकारी कार्यालयों के कामकाज के समय में बदलाव किया गया है। एमसीडी के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे। इस अवधि में सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी लागू होगी।
1 नवंबर से गैर-बीएस-6 वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर से आने वाले बीएस-6 मानक से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है। हालांकि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ आपातकालीन एंबुलेंस को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक सभी प्रकार की तोड़फोड़ और निर्माण से जुड़ी बाहरी गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.