अमृतसर में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले दो नेटवर्क का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- पुलिस की शुरुआती जांच में विदेश में बैठे एक हैंडलर से आरोपियों के संपर्क की बात सामने आई है।
- पहले ऑपरेशन में एक नाबालिग से छह पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस मिले।
- दूसरे ऑपरेशन में अनमोल सिंह और हरदीप सिंह को गिरफ्तार कर कुल 10 पिस्तौल बरामद की गईं।
पंजाब में अपराध पर लगाम लगाने के लिए जारी अभियान के बीच अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले दो अलग-अलग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाबालिग हैं। पुलिस ने इनके पास से 16 पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस और एक होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद किया है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरनतारन जिले के गांव नौशहरा ढाला निवासी अनमोल सिंह उर्फ मोहला (19) और गांव चेला निवासी हरदीप सिंह उर्फ शिव (18) के रूप में हुई है। इनके साथ दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।
डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी विदेश में मौजूद एक हैंडलर के संपर्क में थे। यह हैंडलर उन्हें अवैध हथियारों की खेप उपलब्ध कराने में मदद करता था। इसके बाद संगठित नेटवर्क के जरिए हथियारों को आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े पुराने और आगे के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
दो अलग-अलग ऑपरेशन में हुई कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पहले ऑपरेशन के दौरान कैंटोनमेंट थाना क्षेत्र में एक्टिवा पर सवार एक नाबालिग को रोककर तलाशी ली गई। उसके कब्जे से छह पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए।
दूसरी कार्रवाई में गेट हकीमा थाना पुलिस ने अनमोल सिंह और उसके एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया। इनके पास से पांच पिस्तौल मिलीं। पूछताछ के बाद पुलिस ने हरदीप सिंह उर्फ शिव को भी गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से पांच और पिस्तौल बरामद की गईं।
बरामद हथियारों में कई तरह की पिस्तौल शामिल
पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में तीन 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, चीन निर्मित एक .30 बोर पिस्तौल, एक .30 बोर एक्स-शॉट, एक पीएक्स-5 स्टॉर्म, नौ अन्य .30 बोर पिस्तौल और एक देसी .32 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
इस मामले में कैंटोनमेंट थाने में एफआईआर नंबर 196 और गेट हकीमा थाने में एफआईआर नंबर 315 दर्ज की गई हैं। दोनों मामलों में आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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