‘धन ही सब कुछ नहीं’, राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों से कहा- देश-समाज के हित को सबसे ऊपर रखें

HIGHLIGHTS
- राष्ट्रपति मुर्मू ने बड़ौदा में छात्रों को संबोधित किया।
- उन्होंने कहा कि शिक्षा का लाभ देश और समाज को मिलना चाहिए।
- छात्रों से समाज के व्यापक हित में योगदान करने की अपील की।
- इंजीनियरों से लोगों का जीवन बेहतर बनाने वाली तकनीक विकसित करने को कहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को छात्रों से कहा कि उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में देश और समाज के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे देश और समाज की प्रगति के साथ उनकी अपनी तरक्की भी होगी। राष्ट्रपति महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा के 75वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी वास्तविक अर्थों में सार्थक मानी जाएगी, जब उसका लाभ देश और समाज को मिले।
राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों से क्या कहा?
राष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों को अपनी शिक्षा का उपयोग केवल अपने और अपने परिवार तक सीमित रखने के बजाय इससे आगे सोचने की जरूरत है। उन्हें यह विचार करना चाहिए कि वे समाज के व्यापक हित में किस तरह योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर छात्र अपने काम के क्षेत्र में देश और समाज के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं, तो देश और समाज के साथ-साथ उनकी भी तरक्की होगी।'
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रगति से छात्रों को काफी संतुष्टि मिलेगी और उन्हें अपनी शिक्षा की सार्थकता का भी अहसास होगा। राष्ट्रपति ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई इंजीनियर बन रहा है तो उसे ऐसी तकनीक विकसित करनी चाहिए, जिससे लोगों का जीवन बेहतर हो सके। वहीं, डॉक्टर बनने वाले छात्रों को चिकित्सा को केवल पेशा नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे सेवा के रूप में देखना चाहिए।
'सेवा में ही मानवता है'
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, 'सेवा में ही मानवता और शांति निहित है। इससे संतुष्टि मिलती है। जीवन जीने के लिए संसाधनों की जरूरत तो होती है, लेकिन धन ही सब कुछ नहीं है। दूसरों की सेवा करने से ही सच्ची संतुष्टि मिलती है।'
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को मानवता के हित में समस्याओं के समाधान पर काम करना चाहिए। वहीं, कलाकारों और लेखकों को अपनी कला और रचनाओं के जरिए समाज की संवेदनशीलता को समृद्ध करने का प्रयास करना चाहिए।
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