राष्ट्रपति मुर्मू की फिल्मी सितारों से अपील, ‘नुकसानदायक प्रोडक्ट्स का प्रचार न करें’

HIGHLIGHTS
- 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया
- सिनेमा जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कलाकारों को सम्मानित किया गया
- समारोह का समापन ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ के साथ हुआ
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी
आज 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और प्रदर्शन के लिए कलाकारों को सम्मानित किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह को संबोधित करते हुए सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने फिल्म जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।
ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रचार न करने की अपील
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को लोकप्रिय फिल्म कलाकारों से ऐसे उत्पादों का प्रचार नहीं करने की अपील की, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।
उन्होंने कहा, “जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली के फायदों के बारे में बात करते हैं, तो लाखों बच्चे और युवा उन्हें देखकर वैसा ही करने की कोशिश करते हैं। मैं पॉपुलर कलाकारों से अपील करती हूं कि वे ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रचार न करें, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। एक सच्चा स्टार वही है, जो रोशनी फैलाता है, अंधेरा नहीं।”
महिलाओं की ज्यादा भागीदारी पर जोर
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए फिल्मों का चयन करने वाली जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि हर क्षेत्रीय जूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो।”
उन्होंने समारोह में कई महिलाओं को पुरस्कार मिलने का उल्लेख करते हुए कहा कि जूरी में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा, “किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के नजरिए को शामिल करने से एक संपूर्ण और व्यापक मानवीय सोच विकसित करने में मदद मिलती है।”
छोटे कलाकारों और वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने फिल्म इंडस्ट्री से उन वर्कर्स, छोटे कलाकारों, असिस्टेंट्स और अन्य लोगों के सम्मान व सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की, जो अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करते हुए क्रिएटिव इकॉनमी में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कृपया यह सुनिश्चित करें कि इस इंडस्ट्री में योगदान देने वाले वर्कर्स, छोटे कलाकारों, असिस्टेंट्स और अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को सम्मान के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी मिले।”
राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि पिछले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान भी उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से अपील की थी कि फिल्म क्रू के प्रत्येक सदस्य के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को इंडस्ट्री की वर्क कल्चर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए।
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