आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

HIGHLIGHTS
- आरोप कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत पर लगाए गए हैं।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI और ED को आरोपों की जांच के निर्देश दिए थे।
- हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को CBI के हलफनामे पर नाराजगी जताई थी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी है, जिनमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उनके खिलाफ लगाए गए आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच करने को कहा गया था।
ये आरोप भाजपा के एक कार्यकर्ता ने लगाए हैं। आरोप है कि राहुल गांधी के पास उनकी आय के मुकाबले ज्यादा संपत्ति है।
राहुल गांधी पर किसने लगाए आरोप?
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत पर कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को जांच करने को कहा था।
हाईकोर्ट ने मई में दिए अपने आदेश में कहा था कि अगर याचिकाकर्ता की शिकायत मिली है, तो उसमें लगाए गए आरोपों की कानून के मुताबिक जांच की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई या ईडी कानून के तहत जो भी जरूरी कदम उठा सकते हैं, वे उठा सकते हैं।
हाईकोर्ट ने सीबीआई के हलफनामे पर क्यों जताई नाराजगी?
इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों जांच एजेंसियों को जांच में हुई प्रगति की जानकारी कोर्ट को देने का निर्देश दिया था।
20 जुलाई को दिए अपने अगले आदेश में हाईकोर्ट ने सीबीआई के हलफनामे पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई का हलफनामा उसके पहले दिए गए निर्देश के मुताबिक नहीं था।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ईडी ने जरूरी कदम उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान अगर ईडी को कोई जानकारी मिलती है, तो वह कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले पर आगे सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की।
क्या मामला दिल्ली हाईकोर्ट भेजना चाहते हैं राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक अलग याचिका भी दाखिल की है। इसमें उन्होंने इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है। दोनों याचिकाएं 7 अगस्त को दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में 17 अगस्त को इन पर सुनवाई होने की संभावना है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ कर सकती है।
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