राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े फैसले, गोविंद देव गिरि बने नियमित महासचिव

HIGHLIGHTS
- बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर फैसले लिए गए।
- 16 अभ्यर्थियों में से तीन नाम CEO पद के लिए शॉर्टलिस्ट हुए थे।
- मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज भी शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों में शामिल थे।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर कई अहम फैसले लिए गए। चढ़ावा विवाद के बाद चंपत राय के हटने पर कृष्ण मोहन राय कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को नियमित महासचिव नियुक्त कर दिया गया है।
इसके अलावा प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला सीईओ (CEO) चुना गया है। इस पद के लिए 16 अभ्यर्थियों में से तीन नाम—एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज—शॉर्टलिस्ट किए गए थे। इनमें से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम सहमति बनी।
बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इनमें अयोध्या निवासी और वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय शामिल हैं, जिन्होंने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी की थी। वहीं, शिकोहाबाद निवासी डॉ. निर्मला यादव को भी ट्रस्टी बनाया गया है। वह हिंदी और संस्कृत में परास्नातक हैं और उनके पास 15 वर्षों का विश्वविद्यालयीय कार्य अनुभव है।
दो चरणों में हुई बैठक के पहले सत्र में संजय प्रसाद ऑनलाइन जुड़े, जबकि दोपहर 3 बजे से शुरू हुए दूसरे सत्र में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी शामिल हुए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में हुए ये निर्णय
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर कई बड़े फैसले लिए गए। चढ़ावा विवाद के बाद चंपत राय के हटने पर कृष्ण मोहन राय कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को नियमित महासचिव नियुक्त कर दिया गया है।
वहीं, दिल्ली के महेश भागचंदका को ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है। प्रशासनिक संचालन को मजबूत करने के लिए पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला सीईओ चुना गया है।
सीईओ पद के लिए 16 अभ्यर्थियों में से एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए थे। अंतिम सहमति जितेंद्र मिश्रा के नाम पर बनी। आने वाले दिनों में जरूरत पड़ने पर ज्वाइंट या डिप्टी सीईओ की नियुक्ति भी की जा सकती है। इसके लिए जल्द ही एसओपी और दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे।
नए सदस्यों को दी गई जिम्मेदारी
बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई। इनमें अयोध्या निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और शिकोहाबाद निवासी शिक्षाविद डॉ. निर्मला यादव को ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है।
मदन मोहन पांडेय ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से अदालत में कानूनी पैरवी की थी। वहीं, डॉ. निर्मला यादव के पास 15 वर्षों का विश्वविद्यालयीय कार्य अनुभव है और वह हिंदी व संस्कृत में परास्नातक हैं।
महासचिव गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य अयोध्या को दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना है।
दो चरणों में आयोजित इस बैठक के पहले सत्र में संजय प्रसाद ऑनलाइन जुड़े, जबकि दोपहर 3 बजे से शुरू हुए दूसरे सत्र में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी शामिल हुए।
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