हिमाचल में थमी बारिश की रफ्तार, तापमान बढ़ा; 18-19 जुलाई को फिर बरसेंगे बादल

HIGHLIGHTS
- हिमाचल में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, 18 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून।
- धूप निकलने के बाद तापमान में बढ़ोतरी, मैदानी इलाकों में बढ़ी उमस।
- बारिश का असर बरकरार, राज्य में 69 सड़कें और 80 पेयजल योजनाएं अभी प्रभावित।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बाद अब मौसम में कुछ राहत देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार फिलहाल प्रदेश के किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि 18 और 19 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
धूप निकलने से बढ़ा तापमान, उमस से लोग परेशान
सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहा। लंबे समय बाद निकली धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बारिश थमने के बाद मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उमस बढ़ गई है।
ऊना, मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को एक बार फिर गर्मी का सामना करना पड़ा।
अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक आने वाले चार से पांच दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि रात के तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
विशेष रूप से मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी और सुबह-शाम उमस का असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है।
18-19 जुलाई से फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13 से 17 जुलाई के बीच प्रदेश के मैदानी, मध्य पर्वतीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि इस अवधि में किसी भी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।
विभाग ने बताया कि 18 और 19 जुलाई को मानसून फिर जोर पकड़ सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
बारिश थमने के बाद भी परेशानियां बरकरार
हालांकि मौसम में सुधार हुआ है, लेकिन पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य में सोमवार शाम तक 69 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 13 बिजली ट्रांसफार्मर और 80 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं।
कुल्लू जिले में सबसे ज्यादा 38 सड़कें अभी भी बंद हैं। वहीं मंडी, सिरमौर, शिमला, कांगड़ा, ऊना और लाहौल-स्पीति में भी कई मार्गों को बहाल करने का काम जारी है।
प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन प्रदेश में मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन 18 जुलाई के बाद मानसून गतिविधियों में दोबारा तेजी आने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन को आवश्यक तैयारियां बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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