रांची के हरमू चौक का नामकरण ‘विकसित भारत संकल्प चौक’, कांग्रेस ने जताई आपत्ति

HIGHLIGHTS
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में नामकरण कार्यक्रम हुआ।
- रांची विधायक सीपी सिंह और हटिया विधायक नवीन जायसवाल कार्यक्रम में पहुंचे।
- मेयर रोशनी खलखो और डिप्टी मेयर नीरज कुमार भी मौजूद रहे।
रांची। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा ने रांची के हरमू चौक का नामकरण ‘विकसित भारत संकल्प चौक’ किया है। भाजपा की इस पहल पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची की मेयर रोशनी खलखो और डिप्टी मेयर नीरज कुमार समेत सैकड़ों लोग हरमू चौक पहुंचे। यहां चौक का नामकरण ‘विकसित भारत संकल्प चौक’ किया गया।
मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार नए कीर्तिमान बना रहा है। स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना केंद्र सरकार के साथ-साथ देश के हर नागरिक का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के 140 करोड़ लोगों की भागीदारी और सामूहिक संकल्प आवश्यक है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के मकसद से हरमू चौक का नामकरण ‘विकसित भारत संकल्प चौक’ किया गया है। अब यह चौक हर दिन लोगों को विकसित भारत के लक्ष्य और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका की याद दिलाएगा।
आदित्य साहू ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब समाज के हर वर्ग की इसमें भागीदारी हो। युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करना विकसित भारत की यात्रा के अहम आधार हैं।
हरमू चौक का नाम बदलने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
हरमू चौक के नामकरण को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा नेताओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि हरमू चौक का नाम बदलने के लिए किसकी अनुमति ली गई। साथ ही उन्होंने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना बोर्ड लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राकेश सिन्हा ने कहा कि हरमू चौक पर भाजपा नेताओं ने ‘विकसित भारत संकल्प सेवा चौक’ का बोर्ड लगाया है। उन्होंने कहा कि हरमू चौक किसी की जागीर नहीं, बल्कि जनता का सार्वजनिक स्थल है और इसके नामकरण का अधिकार किसी राजनीतिक दल के पास नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि भाजपा यह दावा कर रही है कि हरमू चौक का नाम बदल दिया गया है तो नामकरण से संबंधित सरकारी आदेश, अधिसूचना और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति तत्काल सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई आदेश है तो उसे दिखाया जाए और अगर आदेश नहीं है तो यह स्पष्ट किया जाए कि भाजपा ने किस अधिकार से सरकारी या सार्वजनिक स्थल पर बोर्ड लगाया।
राकेश सिन्हा ने कहा कि मामला सिर्फ एक बोर्ड लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता का भी सवाल है। उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम को स्पष्ट करना चाहिए कि बोर्ड लगाने की अनुमति किसने दी और किस नियम के तहत दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड बिना अनुमति लगाया गया है तो प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उसे तत्काल हटाया जाए और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि निगम प्रशासन की चुप्पी से मामला और गंभीर हो गया है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और ‘विकसित भारत’ के नारे को बोर्ड पर लिख देने से किसी राजनीतिक कार्यक्रम का नाम सार्वजनिक चौक का वैधानिक नाम नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि नामकरण कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है, राजनीतिक घोषणा से नहीं।
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