मोबाइल और गैजेट्स पर बच्चों की निर्भरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त परिवारों के खत्म होने और बच्चों की गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता पर चिंता जताई।
- अदालत ने कहा कि माता-पिता की जगह मोबाइल ने ली तो यह समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।
- कोर्ट ने मानवीय रिश्तों और पारिवारिक बंधनों को जीवन में अहम बताते हुए संयुक्त परिवार को संपत्ति बताया।
नई दिल्ली। संयुक्त परिवार व्यवस्था के कमजोर पड़ने और एकल परिवारों में बच्चों को समय देने की बजाय मोबाइल और अन्य गैजेट्स पर निर्भर करने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर माता-पिता की जगह गैजेट्स लेने लगेंगे तो यह समाज के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। इससे आने वाली पीढ़ियां पारिवारिक रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव से दूर हो सकती हैं।
यह टिप्पणी हाल में पति-पत्नी की हत्या से जुड़े मामलों, जिनमें सोनम रघुवंशी का मामला भी शामिल है, पर चर्चा के दौरान की गई। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने इसे बदलते सामाजिक परिवेश का हिस्सा बताया।
सोशल मीडिया संदेशों को ज्ञान मानने पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आज की पीढ़ी अधिक शिक्षित और जानकारी रखने वाली है, लेकिन वह बढ़ते दबाव को सहन करने में पहले की तुलना में कमजोर हो रही है। अदालत ने यह भी कहा कि यह चिंता की बात है कि लोग व्हाट्सएप पर मिलने वाले संदेशों को ही ज्ञान समझने लगे हैं।
अदालत की इस चिंता से सहमति जताते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक सामाजिक समस्या बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मानवीय रिश्तों में विश्वास कम हो रहा है और सहनशीलता की भावना भी घट रही है।
गैजेट्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस एमएम सुंदरेश ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने एक रेस्तरां में देखा कि एक परिवार ने खाना खाते समय बच्चे को व्यस्त रखने के लिए उसके हाथ में मोबाइल दे दिया था।
उन्होंने कहा, "अगर माता-पिता की जगह गैजेट्स ने ले ली, तो यह एक आपदा है। भविष्य में ऐसा और भी ज्यादा होगा। संयुक्त परिवार एक संपत्ति है, और लोग इसे समझते नहीं हैं। खुशी भौतिक चीजों से नहीं, बल्कि मानवीय बंधन और रिश्तों से मिलती है। हम मशीनों की तरह होते जा रहे हैं।"
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संयुक्त परिवार व्यवस्था समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है और मानवीय रिश्तों को बनाए रखना जरूरी है।
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