ट्रंप ने नेतन्याहू को दिया चुनावी समर्थन, बोले- शांति के बड़े साझेदार

HIGHLIGHTS
- डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नेतन्याहू की प्रशंसा की।
- ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संघर्ष में नेतन्याहू की भूमिका को अहम बताया।
- नेतन्याहू लंबे समय से अमेरिका के साथ अपने करीबी रिश्तों को राजनीतिक ताकत के रूप में पेश करते रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दोबारा चुनाव जीतने के लिए अपना समर्थन दिया। नेतन्याहू फिलहाल राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का समर्थन उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति की लोकप्रियता का लाभ उन्हें चुनाव में मिल सकता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए नेतन्याहू की प्रशंसा की और उन्हें एक महान योद्धा प्रधानमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि ईरान के इस्लामी गणराज्य के खिलाफ संघर्ष में नेतन्याहू शांति के लिए और भी बड़े साझेदार साबित हुए हैं।
नेतन्याहू के लिए ट्रंप का समर्थन क्यों है महत्वपूर्ण?
बेंजामिन नेतन्याहू लंबे समय से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने करीबी संबंधों को अपनी राजनीतिक ताकत के तौर पर पेश करते आए हैं। उनकी कोशिश रही है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ बेहतर रिश्तों को अपनी सरकार के पक्ष में इस्तेमाल किया जाए।
ऐसे में चुनाव से पहले ट्रंप का समर्थन मिलना नेतन्याहू की पार्टी लिकुड के लिए अहम हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने पिछले कई महीनों से नेतन्याहू को दोबारा चुनाव जीतने के लिए खुलकर समर्थन नहीं दिया था। इसके पीछे पश्चिम एशिया को लेकर दोनों नेताओं की रणनीतियों में मतभेद को वजह बताया गया था। अब चुनाव से पहले ट्रंप ने नेतन्याहू के पक्ष में अपना समर्थन जाहिर किया है।
इस्राइल में 27 अक्टूबर को होंगे राष्ट्रीय चुनाव
इस्राइल में 27 अक्टूबर को राष्ट्रीय चुनाव होने हैं। वर्ष 2023 में हमास के इस्राइल पर हमले के बाद यह देश का पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा। इस कारण इसे इस्राइल की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नेतन्याहू के सामने अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है। ऐसे समय में ट्रंप का समर्थन उनके लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इस समर्थन से चुनाव में नेतन्याहू को कितना लाभ मिलेगा, इसका पता मतदान के नतीजों के बाद ही चलेगा।
ट्रंप ने पहले क्यों नहीं किया था खुलकर समर्थन?
डोनाल्ड ट्रंप ने कई महीनों तक नेतन्याहू के दोबारा चुनाव जीतने के समर्थन में खुलकर बयान नहीं दिया था। इस दौरान पश्चिम एशिया को लेकर दोनों नेताओं की रणनीतियों में अंतर देखने को मिला।
नेतन्याहू अपने राजनीतिक फायदे के लिए ट्रंप के साथ करीबी संबंधों को लगातार सामने रखते रहे हैं। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से चुनावी समर्थन नहीं मिलने को उनकी पार्टी लिकुड के लिए झटके के रूप में देखा गया था।
अब ट्रंप ने नेतन्याहू को शांति का साझेदार बताते हुए उनका समर्थन किया है। चुनाव से पहले आया उनका यह बयान इस्राइल की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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