अबोहर में दशहरा आयोजन के दौरान लापरवाही, मैदान में खड़ा रह गया नशे का पुतला

HIGHLIGHTS
- दशहरा कमेटी ने नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अलग से पुतला तैयार कराया था।
- रावण दहन के बाद भी नशे का पुतला मैदान में ही खड़ा रह गया।
- आयोजन के दौरान पुतलों और आतिशबाजी के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रही।
अबोहर। दशहरे पर रावण दहन के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। इसी के साथ समाज को नशे जैसी बुराई से दूर रहने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दशहरा कमेटी ने नशे का पुतला भी तैयार करवाया था।
हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि कमेटी के सदस्य नशे के पुतले का दहन करना ही भूल गए। पुतला मैदान में खड़ा रह गया और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने की तैयारी अधूरी रह गई।
दशहरा आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भी कई कमियां नजर आईं। पुतलों और आतिशबाजी के आसपास लोगों की आवाजाही जारी रही। पुलिस और कमेटी के सदस्य लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने में सफल नहीं दिखे। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रही।
जले हुए पटाखे एक-दूसरे की ओर फेंकते रहे युवक
आयोजन के दौरान कुछ युवक जले हुए पटाखे और आतिशबाजी एक-दूसरे की तरफ फेंकते नजर आए। इस तरह की लापरवाही से किसी के झुलसने या गंभीर चोट लगने का खतरा बना हुआ था। इतने बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में सुरक्षा इंतजामों और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन आयोजन में नशे के पुतले का दहन भूल जाना और आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कमियां सामने आना कमेटी की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान पुतलों के दहन की योजना, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
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