शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1124 अंक टूटा; निफ्टी भी 360 अंक फिसला

HIGHLIGHTS
- वित्तीय, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्र पर सबसे ज्यादा दबाव
- ईरान-अमेरिका संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर
- रुपये में गिरावट और FII की पूंजी निकासी ने बढ़ाई चिंता
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी की गिरावट के साथ 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर आ गया। पूरे बाजार में व्यापक बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
कई प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। वित्तीय, धातु, रियल एस्टेट, निजी बैंक और ऊर्जा से जुड़े क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। ऑटोमोबाइल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और रसायन शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने कुछ हद तक मजबूती बनाए रखी। मीडिया और फार्मा क्षेत्र भी अपेक्षाकृत स्थिर रहे, लेकिन इनमें भी गिरावट दर्ज हुई। कुल मिलाकर बाजार की व्यापकता नकारात्मक रही।
बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे छह प्रमुख कारण बताए गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता संघर्ष इनमें एक अहम वजह रहा। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई। बॉन्ड प्रतिफल में भी इजाफा हुआ। रुपये में गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से पूंजी निकासी भी बाजार में गिरावट की एक वजह रही। इसके अलावा कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला।
किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा?
निफ्टी के क्षेत्रीय सूचकांकों में वित्तीय, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्र सबसे ज्यादा दबाव में रहे। निजी बैंक और ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और रसायन शेयर भी कमजोर रहे। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने अपेक्षाकृत लचीलापन दिखाया। मीडिया और फार्मा क्षेत्र तुलनात्मक रूप से स्थिर रहे, लेकिन इनमें भी गिरावट आई। व्यापक बिकवाली के बीच रक्षात्मक और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों में कुछ सापेक्षिक मजबूती देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों का क्या हाल रहा?
वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का माहौल देखने को मिला। एसएंडपी 500 वायदा में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। नैस्डैक 100 वायदा 0.9 फीसदी नीचे आया। डॉव जोन्स औद्योगिक औसत वायदा में 0.3 फीसदी की गिरावट रही। एमएससीआई एशिया प्रशांत सूचकांक 0.7 फीसदी गिरा, जबकि एमएससीआई उभरते बाजार सूचकांक में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, लंदन समयानुसार सुबह 9:18 बजे तक स्टॉक्स यूरोप 600 में 0.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.