हिमाचल में 5 अक्टूबर से बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार

HIGHLIGHTS
- 2 अक्टूबर के मौसम बुलेटिन में अगले दिनों का पूर्वानुमान जारी
- बिजाही में 8.2 मिमी और नाथपा में 0.6 मिमी बारिश दर्ज
- 6 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में आंधी-बिजली के आसार
हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। फिलहाल राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने 2 अक्टूबर को जारी राज्य दैनिक मौसम बुलेटिन में अगले कई दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है।
बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई। बिलासपुर के बिजाही में 8.2 मिलीमीटर और किन्नौर के नाथपा में 0.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राज्य में कहीं भी हिमपात, गरज-चमक, तेज हवाएं, ओलावृष्टि या कोहरे की स्थिति दर्ज नहीं हुई।
5 अक्टूबर से बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, 5 अक्टूबर को राज्य में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 6 और 8 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। सप्ताह के बाकी दिनों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
जिलावार पूर्वानुमान के अनुसार, 6 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश के संकेत दिए गए हैं। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
इन जिलों में आंधी और बिजली चमकने की संभावना
मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर के लिए ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
विभाग की सलाह के अनुसार, आंधी और बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालने के साथ बागवानी और खेतों में तैयार फसल को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई है।
तापमान में अगले दिनों में हो सकती है बढ़ोतरी
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 3-4 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
2 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान ताबो में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
3-4 अक्टूबर तक मौसम रहेगा काफी हद तक शुष्क
अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों, मध्य पर्वतीय क्षेत्रों तथा ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में 2 से 4 अक्टूबर तक मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहने का संकेत है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल हिमाचल में मौसम अपेक्षाकृत साफ और शुष्क रह सकता है, लेकिन 5 अक्टूबर से मौसम करवट ले सकता है। खासकर 6 अक्टूबर के आसपास कई जिलों में बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
जिलावार मौसम का हाल
| जिला | 5 अक्टूबर तक | 6 अक्टूबर |
|---|---|---|
| ऊना | मुख्यतः शुष्क | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| बिलासपुर | शुष्क | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| हमीरपुर | शुष्क | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| चंबा | शुष्क | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| कांगड़ा | शुष्क/एक-दो स्थानों पर बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश |
| कुल्लू | शुष्क | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| मंडी | एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश |
| शिमला | एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| सोलन | एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश | कुछ स्थानों पर बारिश |
| सिरमौर | शुष्क | कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश |
| किन्नौर | शुष्क | एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश/बर्फबारी |
| लाहौल-स्पीति | शुष्क | एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश/बर्फबारी |
किसानों और बागवानों के लिए भी जरूरी सलाह
आंधी और बिजली की संभावना वाले क्षेत्रों में विभाग ने खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने, बागवानी वाली फसलों को सहारा देने और काटी गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। खेत में रखी फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखने को भी कहा गया है।
मौसम विभाग के इस बुलेटिन के अनुसार, फिलहाल किसी बड़े व्यापक मौसम अलर्ट की स्थिति नहीं है, लेकिन 5 अक्टूबर के बाद बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की गतिविधि बढ़ सकती है।
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