पीएम मोदी का पोलैंड को भरोसा, यूक्रेन में शांति के लिए भारत करेगा हर संभव प्रयास

HIGHLIGHTS
- भारत और पोलैंड ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया।
- दोनों देश रक्षा उद्योगों के बीच तकनीकी साझेदारी और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देंगे।
- आतंकवाद से निपटने के लिए भारत-पोलैंड के बीच संवाद शुरू करने पर सहमति बनी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टुस्क को भरोसा दिलाया कि भारत यूक्रेन में शांति कायम करने के लिए हर संभव कोशिश करेगा।
भारत यात्रा पर आए टुस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर गहरी चिंता रखते हैं। इसके गंभीर मानवीय परिणामों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति स्थापित करना जरूरी है।
मोदी ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान को अनिवार्य बताते हुए यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों का मुद्दा भी उठाया।
दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक के बाद कई अहम घोषणाएं की गईं। भारत और पोलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। रक्षा सहयोग को विस्तार देने के लिए दोनों देश रक्षा उद्योगों के बीच व्यवस्थित वार्ता शुरू करने पर सहमत हुए। इसके तहत भारतीय और पोलिश रक्षा उद्योगों के बीच व्यावसायिक सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी, सह-विकास और सह-उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
दोनों पक्षों ने सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिपिंग और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की निंदा करते हुए दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी संवाद शुरू करने का निर्णय लिया। जारी संयुक्त बयान में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की गई।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे अंतराल के बाद पोलैंड ने पाकिस्तान के साथ भी संबंध सुधारने की दिशा में पहल की है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टुस्क ने भारत-पोलैंड संबंधों को आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐसा कोई ऐतिहासिक मुद्दा नहीं है, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करता हो। टुस्क के अनुसार, पोलैंड भारत के इतिहास और राजनीतिक परंपराओं से प्रेरणा लेता रहा है।
टुस्क ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वह मोदी को अपना दोस्त कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे शक्तिशाली देश का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सभी के लिए उम्मीद की किरण हैं।
पोलिश प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पोलैंड कभी भारत को धोखा नहीं देगा और उसे विश्वास है कि भारत भी उसके साथ ऐसा नहीं करेगा।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा से व्यापार, निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती मिलेगी।
दोनों नेताओं ने भारतीय कंपनियों से पोलैंड को मध्य और पूर्वी यूरोप में प्रवेश के द्वार के रूप में इस्तेमाल करने तथा पोलिश कंपनियों से भारत के बड़े बाजार और कुशल कार्यबल का लाभ उठाने का आह्वान किया। यह बैठक दोनों देशों के सैन्य और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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