चुनावी राज्यों में कांग्रेस करेगी बड़ा बदलाव? यूपी में अजय राय की जगह नए चेहरे पर मंथन

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस आलाकमान चुनावी राज्यों के संगठन में बदलाव पर विचार कर रहा है।
- उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं।
- आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम प्रमुखता से सामने आया है।
कांग्रेस चुनावी राज्यों में संगठन स्तर पर जल्द बड़े बदलाव कर सकती है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय की जगह किसी नए चेहरे को प्रदेश की कमान सौंपे जाने की चर्चा है। अध्यक्ष पद के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी की बेटी और विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं, पंजाब कांग्रेस में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हैं। कहा जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपना इस्तीफा आलाकमान को भेज दिया है।
चुनाव से पहले संगठन में नई ऊर्जा लाने की तैयारी
पार्टी आलाकमान 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की कमान किसी युवा चेहरे को देने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के विकल्प पर भी मंथन किया जा रहा है। मौजूदा विधानसभा में कांग्रेस की इकलौती विधायक आराधना मिश्रा का नाम इस दौड़ में आगे बताया जा रहा है।
आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार चुनाव जीत चुकी हैं। इससे पहले उनके पिता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी इसी सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं।
पंजाब में भी बड़े बदलाव की चर्चा, पायलट की रिपोर्ट के बाद हलचल
पंजाब कांग्रेस को लेकर पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले 48 घंटे में नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला हो सकता है। राज्य में नेतृत्व बदलने की कवायद पिछले कई महीनों से चली आ रही अंदरूनी खींचतान की अगली कड़ी मानी जा रही है।
पार्टी सूत्रों का दावा है कि सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के बाद प्रदेश संगठन में बदलाव की गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
हाईकमान नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर मंथन कर रहा है। इस पद के लिए जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें विजय इंदर सिंगला, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, परगट सिंह, गुरजीत सिंह औजला और सुखबिंदर सिंह सरकारिया शामिल हैं।
कौन हैं अजय राय, कैसे पहुंचे यूपी कांग्रेस के शीर्ष पद तक?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भाजपा से की थी। वर्ष 1996 से 2007 तक वह भाजपा के टिकट पर लगातार तीन बार विधायक रहे।
वर्ष 2009 में उन्होंने भाजपा से लोकसभा चुनाव का टिकट मांगा था। टिकट नहीं मिलने के बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उसी साल उन्होंने सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।
इसके बाद 2009 में ही उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में वह कांग्रेस में शामिल हुए और पिंडरा सीट से चुनाव जीतने में सफल रहे।
तीन बार पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा
कांग्रेस ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अजय राय को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार और प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के खिलाफ मैदान में उतारा था। आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने भी इस चुनाव में हिस्सा लिया था और वह दूसरे स्थान पर रहे थे। अजय राय तीसरे स्थान पर रहे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी अजय राय तीसरे स्थान पर रहे। उस चुनाव में सपा की शालिनी यादव दूसरे स्थान पर थीं। उस समय सपा और बसपा के बीच गठबंधन था।
2024 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अजय राय को उम्मीदवार बनाया था, हालांकि वह चुनाव जीत नहीं सके।
2023 में मिली यूपी कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी
अजय राय को 17 अगस्त 2023 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनसे पहले यह जिम्मेदारी बृजलाल खाबरी संभाल रहे थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था।
इससे पहले अक्टूबर 2022 में अजय राय को कांग्रेस का प्रांतीय अध्यक्ष बनाया गया था।
2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली छह सीटें
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इनमें से पार्टी को छह सीटों पर जीत मिली।
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