मुजफ्फरनगर के स्वामी कल्याण देव जिला अस्पताल स्थित एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) सेंटर में एक भावनात्मक मामला सामने आया है। यहां इलाज करा रहे एक एचआईवी संक्रमित युवक ने सेंटर के कर्मचारियों से अपनी प्रेमिका से शादी कराने में मदद की अपील की। युवक ने अपनी इच्छा जताई कि वह अपने रिश्ते को विवाह में बदलना चाहता है।

हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने युवक को संक्रमण के खतरे को समझाते हुए सलाह दी कि एचआईवी नेगेटिव पार्टनर के साथ विवाह से बीमारी फैलने की आशंका रहती है। डॉक्टरों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे सावधानी बरतने की सलाह दी।

युवक की भावनाओं को समझते हुए और उसे निराश न करने के उद्देश्य से एआरटी सेंटर ने एक अलग पहल की। सेंटर के कर्मचारियों ने युवक का बायोडाटा तैयार कराया और भरोसा दिलाया कि उसके लिए एचआईवी पॉजिटिव और विवाह योग्य युवती की तलाश में सहायता की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद युवक संतुष्ट होकर लौट गया।

मां के बाद बेटे में भी संक्रमण की पुष्टि

जिला अस्पताल में एचआईवी संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए वर्ष 2014 में एआरटी सेंटर की स्थापना की गई थी। वर्ष 2018 में एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए महिला अस्पताल पहुंची थी, जहां जांच में वह एचआईवी पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद उसका इलाज एआरटी सेंटर में शुरू कराया गया था।

हालांकि, उस समय जन्मे बच्चे की एचआईवी जांच नहीं हो सकी। हाल ही में जब बच्चे की तबीयत बार-बार खराब होने लगी, तो डॉक्टरों ने उसकी भी जांच कराई। रिपोर्ट में सात वर्षीय बच्चा भी एचआईवी संक्रमित पाया गया।

परिवार के अन्य सदस्यों की जांच जारी

एआरटी सेंटर के चिकित्साधिकारी डॉ. मुजीबुर्रहमान ने बताया कि उस समय इंडेक्स टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते नवजात की समय पर जांच संभव नहीं हो पाई। अब बच्चे के संक्रमित पाए जाने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों की भी इंडेक्स टेस्टिंग कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की स्थिति का सही आकलन किया जा सके।