57,000 करोड़ रुपये की परियोजना: दिल्ली सरकार ड्रेनेज मास्टर प्लान लागू करने को तैयार

राजधानी दिल्ली में जलभराव और बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए तैयार किए गए ड्रेनेज मास्टर प्लान को लागू करने हेतु दिल्ली सरकार अब अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मदद की ओर देख रही है। योजना की भारी लागत को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्व बैंक से वित्तीय सहायता के लिए संपर्क किया है।
सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें दिल्ली सरकार ने मास्टर प्लान की रूपरेखा, उद्देश्य और परियोजना की जरूरतों को विस्तार से प्रस्तुत किया। इस दौरान पीडब्ल्यूडी, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 57,000 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही मास्टर प्लान से जुड़ी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी विश्व बैंक के प्रतिनिधियों को सौंपी गई। यह योजना दिल्ली के तीन प्रमुख ड्रेनेज बेसिन — नजफगढ़, बारापुल्ला और ट्रांस यमुना — को कवर करती है।
इस ड्रेनेज मास्टर प्लान को सितंबर 2025 में पेश किया गया था। इसे शहर की आने वाले 30 वर्षों की जल निकासी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। योजना के अनुसार अगले पांच वर्षों में इसे दो चरणों में लागू किया जाएगा। इसका लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में शहर में जलभराव की घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी लाई जाए और पांच वर्षों में बाढ़ से होने वाली दुर्घटनाओं को 30 प्रतिशत तक घटाया जा सके।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.