चुनाव आयोग चुने हुए प्रतिनिधियों से नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब?: राहुल गांधी

HIGHLIGHTS
- विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे।
- पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोका गया।
- नीति आयोग कार्यालय के पास कई सांसद धरने पर बैठ गए।
इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी ने बताया कि इस प्रदर्शन में लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शामिल हुए हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके साथियों से मिलना चाहता था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी सही तरीके से चुनाव कराना है, लेकिन पता नहीं ज्ञानेश कुमार क्यों डरे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से चुनाव आयुक्त नहीं मिलेंगे तो लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि एक बात वह साफ करना चाहते हैं कि कोई भी नहीं बचेगा, चाहे वह नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार या मोहन भागवत। उन्होंने कहा कि सभी पर कार्रवाई होगी और इन लोगों ने देश को नुकसान पहुंचाया है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि विपक्ष सिर्फ भाजपा का मुकाबला नहीं करेगा, बल्कि उसे खत्म कर देगा। उन्होंने कहा कि देश के साथ जो किया गया है, वह देशद्रोह है और कोई भी बच नहीं पाएगा।
उन्होंने कहा कि करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें यहीं रोक दिया। राहुल गांधी ने कहा कि वे चुने हुए प्रतिनिधि हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उन्हें यहां क्यों रोका गया है और समस्या क्या है।
'300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं'
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग का कार्यालय प्रदर्शन स्थल से सिर्फ 50 मीटर दूर है। विपक्ष के 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं, लेकिन वे डरे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि देश में क्या हो रहा है और अगर चुनाव आयोग चुने हुए प्रतिनिधियों से ही नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है।
राहुल गांधी ने कहा कि वह पूरे देश को बताना चाहते हैं कि पुलिस यहां से मीडियाकर्मियों को हटा रही है।
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