लोकसभा में 44, 11 और फिर 15 मिनट का संग्राम, पूर्व आर्मी चीफ पर राहुल के बयान से बवाल

HIGHLIGHTS
- केंद्रीय बजट के बाद संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सोमवार को लोकसभा का माहौल अचानक गरमा गया।
- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चर्चा से हटकर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए भारत-चीन संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए।
- इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया।
- राहुल गांधी की टिप्पणी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें विषय से भटकने पर टोका।…
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट के बाद संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सोमवार को लोकसभा का माहौल अचानक गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चर्चा से हटकर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए भारत-चीन संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें विषय से भटकने पर टोका। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक इतनी बढ़ गई कि करीब 44 मिनट तक कार्यवाही बाधित रही और अंततः सदन को स्थगित करना पड़ा।
दोपहर तीन बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी राहुल गांधी चीन के मुद्दे पर ही बोलते रहे। स्पीकर के बार-बार आग्रह के बावजूद वे उसी विषय पर अड़े रहे, जिससे एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। हालात बिगड़ने पर सदन को शाम चार बजे तक स्थगित कर दिया गया।
चार बजे के बाद कार्यवाही शुरू होते ही राहुल गांधी ने फिर स्पष्ट किया कि वे चीन से जुड़े मुद्दे पर ही अपनी बात रखेंगे। बढ़ते गतिरोध को देखते हुए लोकसभा को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राहुल गांधी का तर्क
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि उसमें चीनी सेना की घुसपैठ से जुड़ी बातें लिखी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये तथ्य सही हैं तो उस किताब को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि जिस पुस्तक का जिक्र किया जा रहा है, वह अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर उसमें ठोस तथ्य होते तो उसके सामने आने में कोई रुकावट नहीं होती। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि किसी किताब को गलत तरीके से रोका गया है, तो उसके लिए कानूनी रास्ते खुले हैं।
अखिलेश यादव का समर्थन
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष की पूरी बात सुनना जरूरी है।
स्पीकर ने जताई नाराज़गी
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल द्वारा राहुल गांधी के भाषण के दौरान तालियां बजाने पर स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जताई और कहा कि सदन में इस तरह का व्यवहार मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
स्पीकर-राहुल में तीखी बहस
हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने नहीं दी जा रही है। इस पर स्पीकर ने स्पष्ट किया कि उनका दायित्व सदन को नियमों के अनुसार चलाना है और चर्चा के विषय से भटकने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अमित शाह का बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सत्ता पक्ष के किसी भी वक्ता ने विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया है और नियमों का उल्लंघन राहुल गांधी की ओर से हुआ है।
इस तरह दिनभर चले तीखे टकराव और बहस के चलते लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
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