लॉरेंस बिश्नोई गैंग में आगरा का दीपक शर्मा, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में एसटीएफ ने पकड़ा

आगरा के बिजौली क्षेत्र का दीपक शर्मा अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर के रूप में सामने आया है। बड़े शहरों की चमक-दमक, सोशल मीडिया रील्स और परिवार का बीहड़ इलाके से जुड़ाव—इन सबने उसे इस रास्ते पर धकेल दिया।
पुलिस के अनुसार, दीपक ने इंस्टाग्राम पर वीडियो देखकर और सिग्नल एप के जरिए वारदातों से जुड़ी जानकारी लेकर खुद को बचाने की तकनीक सीख ली थी। उसे एक फायरिंग के बाद बड़ी रकम मिलने वाली थी, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
31 जनवरी की रात फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू, मुंबई स्थित घर पर फायरिंग हुई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच और यूपी एसटीएफ ने मुख्य शूटर दीपक शर्मा और उसके मौसेरे भाई जतिन भारद्वाज को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि दीपक विदेश में बैठे हरि बॉक्सर के संपर्क में था, जिसने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग कराई। इस वारदात में शुभम लोनकर गिरोह का भी हाथ है।
बिजौली के साथी सनी और सोनू ने घर के बाहर रेकी की थी, जबकि गांव के रितिक यादव ने अपराधियों को छिपाने में मदद की। एसटीएफ की पड़ताल में यह भी सामने आया कि दीपक और अन्य को फायरिंग के निर्देश सिग्नल एप पर मिले थे।
दीपक की मां विद्यावती और बहन नीतेश से मिली जानकारी के अनुसार, दीपक मूल रूप से दिल्ली के क्वात्रा होटल में काम करता था और शादी समारोह में खानपान की स्टाल लगाता था। वह बड़े शहर की चमक-दमक में फंस गया और घर कम ही आता था। विद्यावती ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी।
दीपक ने 31 जनवरी को फायरिंग से पहले मां से बातचीत की थी। पुलिस ने 15 फरवरी को दीपक और जतिन को गिरफ्तार किया। मां का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं कि उनका बेटा ऐसा काम कर सकता है। दीपक अपने परिवार की हालत सुधारने के लिए मेहनत कर रहा था, और अगर वह अपराध करता तो उन्हें दूसरों के यहां काम करने की जरूरत नहीं पड़ती।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.