उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर छापे को अखिलेश यादव ने बताया ‘सरकारी डकैती’

लखनऊ: कैंसर से जूझ रहे बहुजन समाज पार्टी के अकेले विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ और अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार की आलोचना तेज कर दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को भाजपा की “सरकारी डकैती” करार देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा की छापेमारी धन-संपत्ति पर हमला है, जो लोगों के कमाए पैसों को लूटने के उद्देश्य से की जाती है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा की यह कार्रवाई संवेदनहीन है क्योंकि यह उन लोगों पर की गई जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जब कोई व्यक्ति अपने सबसे मुश्किल दौर में होता है, तब ही उसे टारगेट किया जाता है ताकि विरोध करने की स्थिति न रहे और उसकी संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
भाजपा की संवेदनहीनता पर आरोप
सपा नेता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी इस कार्रवाई में न तो परिवार की मान-शान की परवाह की गई और न ही पीड़ित के हालात को देखा गया। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में भाजपा ने नैतिक सीमाओं को पार कर दिया है और जनता के सामने इस घोर अनैतिक व्यवहार की शर्मनाक तस्वीर पेश की है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अब भाजपा के परंपरागत वोटर भी उससे दूर हो रहे हैं। पूज्य शंकराचार्य जी का अपमान और भ्रष्टाचार के मामलों ने धर्मरत और कारोबारी समाज को भाजपा के खिलाफ खड़ा कर दिया है।
दिल्ली की साजिश का आरोप
सपा अध्यक्ष ने इस कार्रवाई के पीछे दिल्ली सरकार के षड्यंत्र की संभावना जताई और कहा कि इसकी सच्चाई एक दिन उजागर होगी। उन्होंने बताया कि ऐसे छापों से गंभीर बीमार व्यक्ति और उसके परिवार को मानसिक उत्पीड़न सहना पड़ता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा और पीड़ित परिवार की तरफ से हर संभव मदद दी जाएगी, क्योंकि परिवार ही परिवार वालों के दुख और दर्द को समझ सकता है।
उन्होंने भाजपा पर कहा कि सत्ता के नशे में डूबे इस व्यवहार से उसका अंत निश्चित है। सपा नेता ने लिखा कि इस घोर अनैतिक और संवेदनहीन कुकृत्य ने पूरी राजनीतिक और सामाजिक छवि को धक्का दिया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.