कच्छ में 13 साल की छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, स्कूल प्रिंसिपल समेत चार पर FIR

HIGHLIGHTS
- छात्रा रेजिडेंशियल स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ती है।
- स्कूल कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए संचालित होता है।
- स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के दौरान टेस्ट किट मिली थी।
राजकोट। कच्छ जिले के रापर तालुका स्थित एक स्कूल के प्रिंसिपल पर 13 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। यह स्कूल ग्राम स्वराज संघ की ओर से संचालित किया जा रहा था और पीड़िता इसी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ती है। मामले में स्कूल प्रिंसिपल सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
वंचित वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए काम करने वाला यह ट्रस्ट अपने परिसर में कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए रेजिडेंशियल स्कूल चलाता है। मामला उस समय सामने आया, जब स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के दौरान एक महिला शिक्षक को स्कूल परिसर में प्रेग्नेंसी टेस्ट किट मिली।
CCTV फुटेज की जांच के बाद सामने आया मामला
महिला शिक्षक और गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन ने इसके बाद स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कथित तौर पर फुटेज में सामने आया कि प्रेग्नेंसी टेस्ट किट स्कूल प्रिंसिपल की जेब से गिरी थी। इसके बाद दोनों ने ट्रस्ट के सेक्रेटरी को इसकी जानकारी दी।
रापर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आरएल खट्टाना के अनुसार, जांच के दौरान ट्रस्ट के सेक्रेटरी और कोर कमेटी के सदस्य को घटना की जानकारी हुई। प्रिंसिपल का घर लड़कियों के हॉस्टल के पास स्थित है। आरोप है कि उन्होंने 15 अगस्त से दो दिन पहले और उसके दो दिन बाद नाबालिग छात्रा को हॉस्टल के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
स्कूल प्रशासन पर मामला दबाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को देने के बजाय प्रिंसिपल को सिर्फ निलंबित किया और छात्रा को उसके माता-पिता के पास भेज दिया। पुलिस ने इसे मामले को दबाने की कोशिश बताया।
इंस्पेक्टर आरएल खट्टाना ने कहा कि छात्रा स्कूल प्रशासन की निगरानी में थी और नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न की घटना की जानकारी पुलिस को देना प्रशासन की जिम्मेदारी थी।
प्रिंसिपल समेत चार लोगों के खिलाफ FIR
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की सहायता से छात्रा और उसके परिवार से संपर्क किया। शुक्रवार को रापर पुलिस स्टेशन में प्रिंसिपल, हॉस्टल वार्डन, कोर कमेटी के सदस्य और ट्रस्ट सेक्रेटरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बताया गया है कि आरोपी प्रिंसिपल इसी स्कूल का पूर्व छात्र रह चुका है। प्रिंसिपल बनने से पहले उसने इसी स्कूल में दो साल तक शिक्षक के तौर पर काम किया था।
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