पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत ने किया आश्वस्त, ऊर्जा और नागरिक सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि देश में ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। केंद्र सरकार ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कोयला, पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
कोयला उत्पादन और बिजली आपूर्ति
कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार कस्सी ने बताया कि देश की बिजली जरूरतों के लिए कोयले का भंडार पर्याप्त है। वर्तमान में भारत की कुल बिजली उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा कोयला आधारित है।
उन्होंने कहा कि खानों और बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने के कारण आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। भारत लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में सफल रहा है। देश में बिजली उत्पादन के लिए लगभग 24 दिनों का कोयले का भंडार उपलब्ध है।
पेट्रोलियम, डीजल और एलपीजी की स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध है। रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण घरेलू मांग पूरी हो रही है।
- उर्वरक संयंत्रों को लगभग 95 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
- एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने के लिए C3 और C4 धाराओं का डायवर्ट किया गया।
- तेल विपणन कंपनियों ने लगभग 1,600 कैंप लगाए और 14,000 सिलेंडर वितरित किए।
- 23 मार्च से अब तक 8.9 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
सरकार ने कालाबाजारी और अन्य कदाचार को रोकने के लिए सख्ती भी बढ़ा दी है। हाल ही में लगभग 4,000 छापेमारी हुईं, जिसमें 56,000 सिलेंडर जब्त किए गए और 51 वितरकों को निलंबित किया गया।
सुजाता शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे घबराएँ नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
वैश्विक तनाव और नागरिकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया के संकट को लेकर सतर्क है। युद्धविराम का स्वागत करते हुए भारत ने स्थायी शांति की उम्मीद जताई।
भारत अपनी कूटनीति और संवाद नीति पर जोर दे रहा है और हर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से निर्बाध नेविगेशन को सुनिश्चित करना आवश्यक मानता है।
विदेश में फंसे भारतीय:
- 28 फरवरी से अब तक लगभग 7.88 लाख यात्री सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
- ईरान में मौजूद लगभग 7,500 भारतीयों के लिए निकासी एडवाइजरी जारी।
- पड़ोसी देशों आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते अब तक 1,864 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया।
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