बिहार: मिड-डे मील में मरी छिपकली मिलने से हड़कंप, 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

HIGHLIGHTS
- घटना शुक्रवार को कटहरा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय आजाद नगर पनसल्ला में हुई।
- बच्चों को मेनू के अनुसार आलू-चना की सब्जी और चावल परोसा जा रहा था।
- कुछ बच्चों ने चावल में मरी हुई छिपकली होने की जानकारी दी।
अजगैवीनाथ धाम। प्रखंड की कटहरा पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय आजाद नगर पनसल्ला में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। भोजन करने के बाद 12 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। कुछ बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की, जबकि कुछ को उल्टी होने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बच्चों की हालत देखकर नाराज ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर बीडीओ प्रतीक राज भी विद्यालय पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
इसके बाद बीमार बच्चों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
बीमार बच्चों में ऋतिक रोशन, दुर्गा कुमारी, सोनाली कुमारी, प्रियांशी कुमारी, सुखनी कुमारी, अंजली कुमारी, अनुज कुमार, करिश्मा कुमारी, वैष्णवी कुमारी, युवराज कुमार, लक्ष्मी कुमारी और करुणा कुमारी सहित अन्य बच्चे शामिल हैं।
अस्पताल में भोजन आपूर्ति करने वाली एजेंसी के ट्रांसपोर्टर को घेरा
घटना के बाद अस्पताल परिसर में दर्जनों परिजनों और ग्रामीणों ने भोजन आपूर्ति करने वाली एजेंसी के ट्रांसपोर्टर को घेर लिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण भस्मा देवी, रेखा देवी, मीना देवी और नीलम देवी ने आरोप लगाया कि एजेंसी की ओर से विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण भोजन की आपूर्ति नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि करीब चार महीने पहले भी घटिया भोजन मिलने पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए खाना तालाब में फेंक दिया था।
एजेंसी के ट्रांसपोर्टर साकेत कुमार ने बताया कि उनका काम केवल विद्यालय में खाना पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि छिपकली कहां से आई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
चावल परोसते समय बच्चों ने दी छिपकली होने की जानकारी
विद्यालय की रसोइया बबीता देवी ने बताया कि शुक्रवार को मेनू के अनुसार एजेंसी की ओर से आलू-चना की सब्जी और चावल उपलब्ध कराया गया था। वह बच्चों को चावल परोस रही थीं, जबकि दूसरी रसोइया सब्जी बांट रही थीं। इसी दौरान कुछ बच्चों ने चावल में मरी हुई छिपकली होने की जानकारी दी।
तब तक कुछ बच्चे भोजन कर चुके थे। रसोइया ने तुरंत इसकी सूचना प्रभारी प्रधानाध्यापिका जुलका कुमारी को दी। इसी बीच कुछ बच्चों को उल्टी होने लगी, जिसके बाद बाकी बच्चे खाना छोड़कर उठ गए।
भोजन की आपूर्ति करने वाली एजेंसी बाल विकास सेवा संस्थान, दिल्ली के प्रखंड प्रभारी रोहित कुमार सिंह ने बताया कि भोजन तैयार होने के बाद पांच स्तरों पर उसकी जांच की जाती है। इसके बाद भोजन की पैकिंग कर विद्यालय भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि भोजन में छिपकली कहां से आई, इसकी जानकारी नहीं है।
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई
बीडीओ प्रतीक राज ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय आजाद नगर पनसल्ला में मध्याह्न भोजन में मरी छिपकली मिलने की सूचना पर वह विद्यालय पहुंचे थे। उस समय प्रधानाध्यापक छुट्टी पर थे। मौके पर मौजूद प्रभारी प्रधानाध्यापिका से घटना के बारे में जानकारी ली गई।
उन्होंने बताया कि 12 बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। बीडीओ ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रसोइया को भोजन परोसने से पहले उसकी जांच करने का निर्देश भी दिया।
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