नवरात्र के पहले दिन देवीपाटन मंदिर पहुंचे सीएम योगी, बलरामपुर के विकास पर दिया जोर

HIGHLIGHTS
- मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय युवाओं के लिए प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है
- सीएम ने विभागों को आपसी समन्वय से योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा।
- जनहित से जुड़े प्रस्तावों को समय पर शासन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मां के पांव पखारे, आरती की और गोसेवा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने बलरामपुर को विकास के क्षेत्र में रोल मॉडल बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जिले की सुरक्षा और तरक्की को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता जताई। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। जनहित से जुड़े प्रस्ताव शासन को भेजने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए बजट आवंटन में देरी नहीं होगी। जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार होने से समाज के हर वर्ग तक उनका लाभ पहुंच सकेगा।
युवाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि बलरामपुर में विकास की काफी संभावनाएं हैं। जिले को विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। अन्य विभागों को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए, ताकि युवाओं को उनकी रुचि और जरूरत के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता का सही इस्तेमाल जिले की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति दे सकता है। इसके लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाएं तैयार करने के साथ ही उनके क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना होगा।
लोगों के सुझावों के आधार पर बनेंगी विकास योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि विकास और तरक्की के लिए प्रत्येक व्यक्ति के सुझाव को गंभीरता से लिया जाए। समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझा जाए। उन्होंने जोर दिया कि योजनाएं केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की वास्तविक अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए।
सीएम ने कहा कि जनहित से जुड़े प्रस्ताव समय पर शासन तक पहुंचाए जाएं, ताकि जरूरी योजनाओं की स्वीकृति और बजट उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो।




















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