सहारनपुर में प्रदूषण के विरोध के दौरान फैक्ट्री मालिक की पीट-पीटकर हत्या, तीन गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे फैक्ट्री पर हुआ विवाद।
- मारपीट में मालिक, उसका दोस्त और एक आरोपित घायल हुए।
- इलाज के दौरान अरबीन चौहान की मौत हो गई।
सहारनपुर। पुराने टायरों को पिघलाकर तेल निकालने वाली फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण का विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक अरबीन चौहान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मारपीट में मालिक का दोस्त और एक आरोपित भी गंभीर रूप से घायल हो गए। फैक्ट्री के चौकीदार की शिकायत पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अरबीन चौहान की ग्रीन फ्यूल के नाम से फैक्ट्री है। इससे निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर आसपास के ग्रामीण कई बार नाराजगी जता चुके थे। ग्रामीणों का आरोप था कि फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं के कारण उन्हें परेशानी हो रही थी।
शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे कई ग्रामीण फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने चौकीदार किशन सिंह के साथ गाली-गलौज की और फैक्ट्री बंद करने को कहा। इसके बाद किशन ने ग्रामीणों के पहुंचने की जानकारी अरबीन को दी।
लाठी और लोहे की रॉड से किया हमला
सूचना मिलने पर अरबीन अपने दोस्त और साझीदार सादिक के साथ फैक्ट्री पहुंचे। बातचीत के दौरान ग्रामीण उत्तेजित हो गए और उन्होंने लाठी व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मारपीट में अरबीन, सादिक और आरोपित संजय घायल हो गए।
चौकीदार की सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे गंगोह थाना प्रभारी इंद्रेश चौहान ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान अरबीन की मौत हो गई।
एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि आरोपित नीरज, पंकज और मेम कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि संजय को हिरासत में लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अन्य आरोपितों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
स्वजन का आरोप: रुपये नहीं देने पर की गई हत्या
अरबीन के चाचा इकराम ने आरोप लगाया कि रुपये नहीं देने के कारण उनके भतीजे की हत्या की गई। उनके मुताबिक, अरबीन ने दो साल पहले फैक्ट्री लगाई थी। इससे पहले ग्रामीणों ने प्रदूषण को लेकर कभी आपत्ति नहीं जताई थी।
इकराम ने बताया कि फैक्ट्री शुरू होने के बाद से ही कुछ लोग रुपये मांगते थे और विरोध करने पर गाली-गलौज करते थे। उनके अनुसार, अरबीन तीन बार उन्हें रुपये दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद रुपये मांगना बंद नहीं हुआ।
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