सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उल्देपुर में बढ़ी चिंता, ‘मेरठ बचाओ आंदोलन’ का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

HIGHLIGHTS
- धरने में कॉलोनियों में रहने वाले परिवार भी शामिल हुए।
- मकान और भूखंड खरीद चुके लोग भी आंदोलन में पहुंचे।
- रविंद्र गुर्जर के नेतृत्व में धरना आयोजित किया गया।
मेरठ। उल्देपुर क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में कॉलोनी मालिकों के साथ मकान और भूखंड खरीद चुके लोग भी उल्देपुर पहुंचे। यहां ‘मेरठ बचाओ आंदोलन’ के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। रविंद्र गुर्जर के नेतृत्व में आयोजित धरने में आगे की आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा की गई।
कॉलोनी मालिकों के साथ खरीदार भी धरने में पहुंचे
उल्देपुर में शुक्रवार को टेंट लगाकर धरने की शुरुआत की गई। इसमें कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों के अलावा कॉलोनी विकसित करने वाले लोग और संपत्ति खरीदने वाले लोग भी शामिल हुए। लोगों का कहना है कि इन कॉलोनियों में कई वर्षों से मकान और भूखंड की खरीद-फरोख्त होती रही है, लेकिन उस समय संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
अब न्यायालय के आदेश के बाद यहां रहने वाले और निवेश करने वाले लोगों को अपने मकान तथा संपत्ति को लेकर चिंता सता रही है।
पंचायत में आंदोलन की आगे की रणनीति पर मंथन
धरना स्थल पर आयोजित पंचायत में प्रदीप कुमार, जॉन धनकड़ और ओम प्रकाश पाल सहित अन्य वक्ताओं ने अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि यह समस्या केवल कॉलोनी विकसित करने वालों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर यहां मकान या भूखंड खरीदा है।
कई परिवार लंबे समय से इन कॉलोनियों में रह रहे हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई का सीधा असर इन परिवारों पर पड़ने की बात कही गई।
लोगों ने उठाया कार्रवाई में देरी का सवाल
धरने में शामिल लोगों ने सवाल उठाया कि यदि कॉलोनियां नियमों के विपरीत विकसित की जा रही थीं तो संबंधित विभागों ने उसी समय कार्रवाई क्यों नहीं की। लोगों का कहना है कि लगातार कॉलोनियां विकसित होती रहीं और लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर यहां मकान बनाए।
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की स्थिति बनने से उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई घर बनाने में लगा दी।
आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार
पंचायत में लोगों ने अपनी मांगों को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया। धरना लगातार जारी रखने के साथ अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
धरने में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी आवाज उठाने का निर्णय लिया। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ जाना नहीं है, बल्कि वर्षों से यहां रह रहे परिवारों और संपत्ति खरीद चुके लोगों के भविष्य से जुड़ी समस्याओं को शासन-प्रशासन के सामने रखना है। लोगों ने समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
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