दिल्ली हादसा: ओवर-स्पीडिंग के 13 चालान, नाबालिग दौड़ा रहा था कार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के द्वारका साउथ थाना इलाके में 3 फरवरी को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की मौत हो गई। घटना लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साहिल की बाइक को टक्कर मारी और सड़क किनारे खड़ी टैक्सी से भी टकरा गई। इस हादसे में टैक्सी चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ।
नाबालिग चालक और सुरक्षा की चूक
पुलिस जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो का चालक केवल 17 वर्षीय नाबालिग था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसे बोर्ड परीक्षा के लिए अंतरिम जमानत मिल गई। हादसे ने नाबालिगों द्वारा तेज रफ्तार वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के गंभीर मुद्दे को उजागर किया है।
परिवार की व्यथा और न्याय की मांग
साहिल की मां, इन्ना माकन, इस हादसे से गहरे सदमे में हैं और न्याय की मांग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जिस स्कॉर्पियो ने उनके बेटे को कुचला, उस पर पहले से ही 13 ओवर-स्पीडिंग चालान दर्ज थे, फिर भी वाहन के मालिक ने चालक को रोकने का प्रयास नहीं किया।
इन्ना माकन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्होंने अपने बेटे को 23 साल तक सिंगल मॉम के तौर पर पाला, और अब तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण उनका बेटा खो गया।
दोस्तों और घायल का बयान
साहिल के दोस्त मानव सचदेवा ने बताया कि साहिल एक मेहनती और प्रतिभाशाली युवक था, जो अपने परिवार और भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करता था। उन्होंने आरोपी और उसके परिवार से न्याय की उम्मीद जताई।
हादसे में घायल टैक्सी चालक अजीत सिंह ने कहा कि उनकी कार को स्कॉर्पियो ने पीछे से टक्कर मारी, जिसके बाद उनकी कार बस से टकरा गई। उन्होंने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया और टांके लगाए गए, लेकिन अगले 5-6 महीने तक वह काम करने में असमर्थ रहेंगे, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में है।
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