दिल्ली में H1N1 का बढ़ता कहर, तीन दिन में दो सगी बहनों की मौत

HIGHLIGHTS
- छोटी बहन में जांच के दौरान H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
- एमआरआई में बच्ची के मस्तिष्क में एएनईसी के संकेत मिले थे।
- स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नई दिल्ली। दिल्ली में एच1एन1 के बढ़ते मामलों के बीच एक निजी अस्पताल में तीन दिन के अंतराल में दो सगी बहनों की मौत का मामला सामने आया है। छोटी बहन की उम्र तीन साल 11 महीने थी और उसे तीन अगस्त को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था।
जांच में बच्ची के एच1एन1 संक्रमित होने की पुष्टि हुई। एमआरआई जांच में उसके मस्तिष्क में एक्यूट नेक्रोटाइजिंग एन्सेफैलोपैथी (एएनईसी) के संकेत मिले। यह फ्लू के बाद बहुत कम मामलों में होने वाली गंभीर स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क प्रभावित हो सकता है। इलाज के दौरान पांच अगस्त की सुबह 5:10 बजे बच्ची की मौत हो गई।
परिवार के मुताबिक, बड़ी बहन की मृत्यु इससे तीन दिन पहले हुई थी। उसे भी तेज बुखार और सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण थे। हालांकि, बड़ी बहन में एच1एन1 संक्रमण की जांच से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह
दिल्ली में इस साल अब तक एच1एन1 के 1,349 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सरकारी अस्पतालों में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
2024 में सामने आए थे 3,151 मामले
आंकड़ों के अनुसार, एच1एन1 के 2021 में 92, 2022 में 442 और 2023 में 209 मामले सामने आए थे। 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 3,151 हो गई थी। पिछले साल दिल्ली में फ्लू के करीब 4,000 मामले सामने आए थे, जिनमें ज्यादातर एच3एन2 के मामले थे। इस साल एच1एन1 के मरीज अधिक मिल रहे हैं।
सफदरजंग अस्पताल में जुलाई के दौरान एच1एन1 के 11 मरीज मिले थे। अगस्त में भी मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। निजी अस्पतालों में भी फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
पीएसआरआई के डॉ. जीसी खिलनानी के अनुसार, उनके अस्पताल में एच1एन1 के मामले करीब चार गुना बढ़े हैं। कुछ मरीजों में फेफड़ों में गंभीर संक्रमण होने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
तेज बुखार के साथ इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
एच1एन1 संक्रमण में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और ठंड लगना आम लक्षण हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है।
गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी और फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है। बच्चों में बहुत कम मामलों में संक्रमण का असर मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। अत्यधिक सुस्ती, बेहोशी, दौरे, सांस लेने में परेशानी या लगातार बिगड़ती स्थिति खतरे के संकेत माने जाते हैं।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मधुमेह, हृदय या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
साफ-सफाई और मास्क से बचाव
संक्रमण से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोने की सलाह दी गई है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें। लक्षण होने पर मास्क पहनें और अन्य लोगों से दूरी बनाए रखें।
बीमार होने पर घर पर आराम करें और फ्लू की दवा डॉक्टर की सलाह के बाद ही लें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
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