दिल्ली में DTC बस हड़ताल का चौथा दिन, मेट्रो ने संभाला सार्वजनिक परिवहन का भार

HIGHLIGHTS
- राजधानी के करीब 52 डिपो में बस चालक यूनियनों का विरोध जारी रहा।
- मेट्रो ने 8 अतिरिक्त ट्रेनें और 20 अतिरिक्त फेरे चलाए।
- राजीव चौक और कश्मीरी गेट समेत कई स्टेशनों पर भीड़ रही।
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को भी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर असर बना रहा। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में सड़कों पर यात्रियों को लेकर कुछ अधिक बसें चलती नजर आईं। वहीं, गुरुवार को जहां बसों का बेड़ा डिपो से बाहर नहीं निकल पाया था, वहीं दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन का बड़ा भार संभाला। इस दौरान मेट्रो ने रिकॉर्ड 82,44,903 यात्रियों को उनके घर और कार्यालय तक पहुंचाया।
52 डिपो में जारी रहा विरोध
डीटीसी बस चालकों और परिचालकों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही, जिससे यात्रियों की परेशानियां बनी रहीं। प्रदेश सरकार और बस चालक यूनियनें अपने-अपने मुद्दों पर कायम हैं। राजधानी के करीब 52 डिपो में बस चालक यूनियनों का विरोध जारी रहा, हालांकि सड़कों पर कुछ बसें चलती हुई दिखाई दीं।
मेट्रो ने बढ़ाए 20 अतिरिक्त फेरे
शुक्रवार को दिल्ली की 7500 इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों में से करीब 2500 से 3000 बसें ही सड़कों पर संचालित हुईं। बड़ी संख्या में यात्रियों ने मेट्रो का रुख किया, जबकि कई डिपो पर यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसों का इंतजार करते रहे। सड़कों से बड़ी संख्या में बसों के बाहर रहने का असर मेट्रो की यात्री संख्या पर भी नजर आया।
मेट्रो स्टेशनों पर भी यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। खास तौर पर राजीव चौक, कश्मीरी गेट, बॉटेनिकल गार्डन, पटेल चौक, हौज खास और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर भीड़ रही। इस दौरान 8 अतिरिक्त मेट्रो चलाई गईं और मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे लगाए गए।
मेट्रो में यात्री बोर्डिंग का टूटा रिकॉर्ड
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल गुरुवार 17 सितंबर को चरम पर थी। उस दिन बसों का संचालन लगभग न के बराबर रहा। ऐसे में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का बड़ा जिम्मा दिल्ली मेट्रो पर रहा। डीएमआरसी के अनुसार, गुरुवार को मेट्रो में रिकॉर्ड 82,44,903 यात्रियों ने बोर्डिंग की, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।
इससे पहले मेट्रो में सर्वाधिक यात्री बोर्डिंग का रिकॉर्ड 8 अगस्त 2025 को दर्ज किया गया था। उस दिन 81,88,115 यात्रियों ने बोर्डिंग की थी। नया रिकॉर्ड पुराने आंकड़े से 56,788 यात्रियों अधिक रहा। वहीं, बुधवार 16 सितंबर को दर्ज 80,71,630 बोर्डिंग की तुलना में गुरुवार को करीब 1.73 लाख अधिक यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया।
ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का भी लिया सहारा
शुक्रवार को कुछ बसों के सड़कों पर लौटने के बावजूद कई इलाकों में यात्रियों को बसों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। हड़ताल के चलते तीन हजार से अधिक बसों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। ऐसे में यात्रियों को मेट्रो के साथ-साथ ऑटो, ई-रिक्शा और कैब जैसे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ा।
मेट्रो यात्री बोर्डिंग के शीर्ष-5 आंकड़े
| तारीख | यात्री बोर्डिंग |
|---|---|
| गुरुवार, 17 सितंबर 2026 | 82,44,903 |
| शुक्रवार, 8 अगस्त 2025 | 81,88,115 |
| गुरुवार, 27 अगस्त 2026 | 81,01,159 |
| सोमवार, 11 अगस्त 2025 | 80,97,551 |
| बुधवार, 16 सितंबर 2026 | 80,71,630 |
यात्रियों से बातचीत
देरी से पहुंच रहे कार्यालय
जीपीओ के पास एक कंपनी में कार्य करते हैं। खजूरी खास से चार दिनों से लगातार बस स्टॉप पर खड़े रहते हैं, लेकिन एक-एक घंटे तक बस नहीं मिलती। कार्यालय पहुंचने में देरी होती है।
- राजकुमार, निवासी खजूरी खास, यात्री
चार दिनों से हड़ताल ने परेशान किया
चार दिनों से लगातार डीटीसी की हड़ताल से आने-जाने में समय लग रहा है। घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को तो बस मिली ही नहीं, आज कुछ बसें आती दिखाई दे रही हैं।
- सिकंदर पासवान, कश्मीरी गेट
आधे घंटे से कर रहे इंतजार
आरएमएल अस्पताल आई थी। यहां एनडीपीओ से बस का इंतजार करते हुए आधे घंटे हो गए हैं।
- चेतन देवी, निवासी भजनपुरा
सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है
पटेल चौक के पास कार्यालय है। हर दिन सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है। चार दिनों से चल रही बसों की हड़ताल से परेशान हैं। पता नहीं हड़ताल कब खत्म होगी। घर भी देर से पहुंच रहे हैं।
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