दिल्ली हाईकोर्ट ने मेट्रो केबल चोरी के आरोपी गिग वर्कर की जमानत की खारिज

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मेट्रो लाइन से 32 मीटर कॉपर केबल चोरी करने के आरोप में पकड़े गए एक गिग वर्कर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपी की हरकतों ने न सिर्फ सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया, बल्कि आम जनता के जीवन के लिए गंभीर खतरा भी पैदा किया।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह कोई साधारण या लापरवाह कार्य नहीं था। आरोपी के कृत्यों से जनता की सुरक्षा पर असर पड़ा और इसके चलते उसे आदतन अपराधी माना गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देने के समय सार्वजनिक हित और निजी हित के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इस मामले में आरोपी के कार्यों ने सार्वजनिक हित को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक फूड डिलीवरी ऐप में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। 29 और 30 जून 2025 की रात 2:51 बजे ट्रैक्शन पावर कंट्रोल से चोरी की सूचना मिलने के बाद उसे पंजाबी बाग इलाके से पकड़ा गया। आरोपी जुलाई 2025 से न्यायिक हिरासत में है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत चोरी का मामला दर्ज है। इसके अलावा, मेट्रो रेलवे संचालन और अनुरक्षण अधिनियम, 2002 के तहत ट्रेन संचालन में बाधा डालने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
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