साहिल की मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग, आजाद मैदान में धरने पर बैठेंगे पिता

HIGHLIGHTS
- रवींद्र वाकोडे पहले भी आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर चुके हैं।
- उन्होंने गिरफ्तारी की चिंता नहीं होने की बात कही है।
- रवींद्र ने संवैधानिक तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ने की बात कही।
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके पिता रवींद्र वाकोडे ने सोमवार से मुंबई के आजाद मैदान में धरना शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपना विरोध जारी रखेंगे। इससे पहले भी रवींद्र वाकोडे आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर चुके हैं।
रविवार को एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बातचीत में रवींद्र वाकोडे ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी की भी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह संवैधानिक तरीके से अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। उनका कहना है कि वह आजाद मैदान में धरने पर बैठेंगे और न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
18 सितंबर को हुई थी साहिल की मौत
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे में दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर की शाम उन्हें संस्थान के हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। यह घटना उस समय हुई थी, जब परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन और चैटजीपीटी के इस्तेमाल को लेकर उन्हें पकड़े जाने की बात सामने आई थी।
घटना के बाद से ही साहिल के परिवार और छात्रों की ओर से पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है।
परिवार ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप
साहिल के माता-पिता ने संस्थान में अपने बेटे के साथ जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
आईआईटी बॉम्बे ने पहले कहा था कि साहिल की ओर से संस्थान के एससी-एसटी सेल या प्रशासन के समक्ष इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। एफआईआर में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम भी सामने आया है। संस्थान ने जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटा दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर भी घटनाक्रम सामने आया है।
आईआईटी बॉम्बे ने बनाई जांच समिति
साहिल की मौत के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ने 10 सदस्यीय समिति गठित की है। हालांकि, छात्रों के एक वर्ग ने मौजूदा जांच समिति पर सवाल उठाए हैं।
छात्रों ने समिति को दोबारा गठित करने और बाहरी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
26 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने साहिल की मौत के मामले को लेकर कैंडल मार्च भी निकाला था। इस दौरान छात्रों ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
छात्रों और अन्य संस्थानों से भी मिला समर्थन
साहिल वाकोडे के मामले में आईआईटी बॉम्बे के छात्रों के अलावा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र संगठनों ने भी परिवार के समर्थन में आवाज उठाई है। छात्र संगठनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
इस बीच, रवींद्र वाकोडे ने कहा है कि वह अपने बेटे के लिए न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। सोमवार से आजाद मैदान में उनका धरना शुरू होना इस मामले में परिवार के विरोध का अगला कदम होगा।
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