पाकिस्तान से सीधे संवाद जरूरी, हिंदू राष्ट्र की सोच भारत के लिए खतरा: मणिशंकर अय्यर

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ आम नागरिकों के संवाद की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के लोग एक-दूसरे को आसानी से समझ सकते हैं। उनके अनुसार भाषा, संस्कृति और मानसिकता काफी हद तक समान है। अय्यर ने हल्के अंदाज में कहा, “उनके कबाब शायद हमारे से बेहतर हैं, लेकिन हम दोस्ताना प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं ‘नहीं, हमारे कबाब तुम्हारे से बेहतर हैं!’”
अय्यर ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अचानक अमेरिका के साथ घनिष्ठ संबंध और इस्राइल के करीब होने के पीछे क्या कारण है। उन्होंने यह भी पूछा कि रूस पर इतनी निर्भरता क्यों है। विभाजन की त्रासदी न हुई होती तो वहां के लोग भी हमारे नागरिक होते, फिर भी हम उनके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सच्चा साहस है तो आमने-सामने बैठकर बातचीत की जानी चाहिए। अय्यर ने इसे लंबी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि संवाद में दोनों पक्ष अपनी शिकायतें रखेंगे और एक-दूसरे की गलतियों को समझेंगे।
साथ ही उन्होंने देश में हिंदू राष्ट्र के विचार पर भी चेतावनी दी। अय्यर ने कहा कि इस उपमहाद्वीप में हिंदुओं की संख्या अधिक है, लेकिन मुसलमान सबसे बड़े अल्पसंख्यक हैं, करीब 20 करोड़। इसके अलावा 5 करोड़ अन्य धर्मों के अनुयायी हैं। उन्होंने आगाह किया कि अगर भारत की राष्ट्रीय पहचान केवल हिंदू राष्ट्र के आधार पर तय की गई और मुसलमानों को विरोधी माना गया, तो देश बिखरने की संभावना है। अय्यर ने कहा कि ऐसे हालात में भारत कम से कम 43 अलग-अलग राज्यों में बंट सकता है।
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