महिलाओं को आजादी और सम्मान से जीने का संवैधानिक अधिकार: राजीव चंद्रशेखर

HIGHLIGHTS
- राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को महिलाओं के अधिकारों पर बयान दिया
- धार्मिक कार्यक्रमों में महिलाओं को लेकर एक संगठन की अपील के बाद आया बयान
- चंद्रशेखर ने किसी खास घटना या धर्म का नाम नहीं लिया
तिरुअनंतपुरम। केरलम भाजपा प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि राज्य की महिलाओं को आजादी और सम्मान के साथ सीखने, जश्न मनाने और जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने महिलाओं पर धर्मगुरुओं के आदेश थोपने की किसी भी कोशिश का विरोध किया।
उनका यह बयान राज्य में इस्लामिक विद्वानों के एक प्रमुख संगठन की ओर से धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों से महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं लाने या उन्हें अनजान पुरुषों के बीच नहीं बैठाने की अपील किए जाने के एक दिन बाद आया।
हर लड़की को संवैधानिक अधिकार- चंद्रशेखर
चंद्रशेखर ने किसी विशेष घटना या धर्म का नाम नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि महिलाओं को पर्दे में रखने की सोच रखने वाले लोग पुरानी मानसिकता के हैं।
उन्होंने कहा कि केरलम की हर युवा लड़की को किसी धर्मगुरु के आदेश या राजनीतिक समझौते के बिना पूरी स्वतंत्रता और सम्मान के साथ सीखने, जश्न मनाने, नेतृत्व करने, सपने देखने और जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार है।
चंद्रशेखर ने तुष्टीकरण का लगाया आरोप
केरलम भाजपा प्रमुख ने कांग्रेस और सीपीआई(एम) पर कई दशकों से तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इससे ऐसी पिछड़ी सोच रखने वाली ताकतों को बढ़ावा मिला है, जो महिलाओं को मध्ययुगीन दौर की ओर ले जाना चाहती हैं।
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