बेहतर टैरिफ शर्तों के बाद ही फाइनल होगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील: पीयूष गोयल

HIGHLIGHTS
- भारत-अमेरिका BTA को लेकर पीयूष गोयल ने भारत का रुख स्पष्ट किया।
- बेहतर और रियायती टैरिफ मिलने के बाद ही BTA की फाइनल डिटेल जारी होगी।
- दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है।
नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत इस ट्रेड डील की अंतिम जानकारी तभी जारी करेगा, जब अमेरिका प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारतीय सामानों के लिए बेहतर और रियायती टैरिफ शर्तों पर सहमत होगा।
'लीवरेजिंग एफटीए आउटरीच प्रोग्राम' को लेकर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में पीयूष गोयल ने कहा कि जब अमेरिका भारत को उसके कॉम्पिटिशन के मुकाबले रियायती दर देने में सक्षम होगा, तब BTA को अंतिम रूप दिया जाएगा और इसकी पूरी जानकारी साझा की जाएगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की मौजूदा स्थिति?
भारत और अमेरिका के बीच इस व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत जारी है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच बढ़ाना, व्यापारिक बाधाओं को कम करना और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना है।
ड्राफ्ट लगभग-लगभग तय
इससे पहले बीते जुलाई में अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि समझौते का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है और आने वाले तीन से चार महीनों के भीतर इस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
हालांकि, अमेरिकी 'सेक्शन 301' के तहत चल रही ट्रेड जांच इस समझौते के रास्ते में मुख्य बाधा बनी हुई है। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच समझौता कागजों पर तैयार है और इसमें देरी किसी आपसी मतभेद की वजह से नहीं, बल्कि केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण हो रही है।
टैरिफ नीति को लेकर अपनी शर्तों पर अड़ा भारत
वहीं, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर भारत शुरुआत से ही अपनी शर्तों पर कायम है। ट्रंप की टैरिफ नीति के विरोध में भारत लगातार मांग कर रहा है कि अमेरिका ऐसा टैरिफ ढांचा तैयार करे, जिससे दूसरे देशों की तुलना में भारतीय निर्यातकों को ग्लोबल मार्केट में स्पष्ट बढ़त मिले। इसके बाद ही भारत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर मुहर लगाएगा।
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