मुजफ्फरनगर में रंगदारी और लूट का खुलासा, छपार पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी दबोचा

HIGHLIGHTS
- छपार पुलिस ने रंगदारी और लूट की वारदात का 24 घंटे में खुलासा करने का दावा किया, एक आरोपी गिरफ्तार।
- आरोपी के कब्जे से लूटी गई बोलेरो, 10 क्विंटल बिजली की केबल और 50 हजार रुपये बरामद किए गए।
- पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मुजफ्फरनगर। छपार थाना पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रंगदारी और लूट की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लूटी गई महिंद्रा मैक्स बोलेरो, उसमें लदी 10 क्विंटल बिजली की केबल और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, इस घटना को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया था और इसमें कई लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के मुताबिक, 22 जुलाई 2026 को दिल्ली के न्यू सीलमपुर निवासी जफर पुत्र स्वर्गीय इस्माइल ने छपार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी महिंद्रा मैक्स बोलेरो (डीएल-1 एल ए एन-9780) बिजली की केबल लेकर दिल्ली से हरिद्वार जा रही थी। वाहन में चालक लारेब और परिचालक असद मौजूद थे।
शिकायत के अनुसार, छपार क्षेत्र में पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने बोलेरो को ओवरटेक कर रुकवा लिया। इसके बाद चालक और परिचालक के साथ मारपीट की गई, उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और जान से मारने की धमकी देकर दोनों को बंधक बना लिया गया।
बदमाशों ने परिचालक के मोबाइल से वाहन मालिक जफर को व्हाट्सएप कॉल कर चालक और परिचालक की हत्या की धमकी दी और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बदमाश लगातार रकम देने का दबाव बनाते रहे।
50 लाख से 9 लाख रुपये में तय हुई डील
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वाहन मालिक को अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर भ्रमित किया और कई बार उसकी लोकेशन बदली। काफी बातचीत के बाद 50 लाख रुपये की मांग घटाकर 9 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
इसके बाद बदमाशों ने वाहन मालिक को एक सुनसान स्थान पर बुलाया और उससे 9 लाख रुपये नकद लेकर चालक और परिचालक को छोड़ दिया। इसके बाद आरोपी बोलेरो और उसमें लदी बिजली की केबल लेकर फरार हो गए।
एसएसपी के निर्देश पर गठित हुई टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी हेमन्त शर्मा पुत्र प्रमोद शर्मा निवासी ग्राम मेंदपुर, थाना छपार को टीचर्स कॉलोनी, कस्बा छपार से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपी हेमन्त शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड सुमित है। इसके अलावा सुशील, युधिष्ठिर समेत अन्य लोगों ने मिलकर योजना तैयार की थी।
आरोपी ने बताया कि सुमित पहले से मालवाहक वाहनों की रेकी करता था। उसे जानकारी मिली थी कि 21 जुलाई की सुबह दिल्ली से एक बोलेरो हरिद्वार बिजली की केबल लेकर जाएगी। इसी जानकारी के आधार पर पूरी योजना बनाई गई।
योजना के तहत सभी आरोपी छपार टोल के आसपास एकत्र हुए और बोलेरो को रोककर चालक व परिचालक को बंधक बना लिया।
दूसरी गाड़ी में शिफ्ट की गई बिजली की केबल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रंगदारी की रकम मिलने के बाद गिरोह ने दूसरी गाड़ी बुलाकर बोलेरो से 10 क्विंटल बिजली की केबल उतारकर उसमें रख दी। इसके बाद बोलेरो को सुनसान स्थान पर खड़ा कर दिया गया।
आरोपी के अनुसार, बिजली की केबल को बेचने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी।
आरोपी के हिस्से में आए थे 50 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, हेमन्त शर्मा ने स्वीकार किया कि 9 लाख रुपये की रंगदारी में से उसे 50 हजार रुपये मिले थे। पुलिस ने उसके कब्जे से यही रकम बरामद की है। बाकी रकम अन्य आरोपियों के पास होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लूटी गई महिंद्रा मैक्स बोलेरो, 10 क्विंटल बिजली की केबल और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मोहित कुमार सहरावत, उपनिरीक्षक अनुराग सिंह, कांस्टेबल मोहित कुमार, सुमित कुमार, किशोर कुमार और सतेन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना की।
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