ब्राजील चुनाव पर फ्लैवियो बोल्सोनारो ने उठाए सवाल, खुद को बताया ‘असली राष्ट्रपति’

HIGHLIGHTS
- फ्लैवियो बोल्सोनारो ने 25 अक्टूबर को हुए चुनाव में कथित गड़बड़ियों का दावा किया।
- उन्होंने पहले और दूसरे दौर के मतदान के बीच लूला को 10 लाख से अधिक वोट मिलने पर सवाल उठाए।
- फ्लैवियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का आभार जताया।
ब्रासीलिया। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लैवियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने खुद को देश का ‘असली राष्ट्रपति’ बताते हुए मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत में चुनावी धांधली होने का आरोप लगाया है। लंबे समय से ब्राजील की राजनीति में सक्रिय फ्लैवियो अब अपने परिवार के साथ देश छोड़कर अमेरिका पहुंच चुके हैं।
‘मैं ब्राजील से भागा नहीं, देश की भलाई के लिए गया हूं’
बुधवार को ब्राजील के नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नाम जारी एक विस्तृत बयान में फ्लैवियो ने अपने देश छोड़ने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके इस कदम को पलायन या भागने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
फ्लैवियो ने कहा, “मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं, बल्कि ब्राजील की भलाई के लिए ही बाहर गया हूं।”
उन्होंने दावा किया कि देश में राजनीतिक उत्पीड़न और तानाशाही जैसा माहौल बन गया है। उनके मुताबिक, अगर वह ब्राजील में रहते तो स्वतंत्र रूप से राजनीतिक नेतृत्व नहीं कर पाते। उन्होंने समर्थन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का आभार भी जताया।
राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का आरोप
फ्लैवियो ने 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पहले और दूसरे दौर के मतदान के बीच राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को 10 लाख से अधिक वोट मिले, जो उनके अनुसार गणितीय रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने मतदान का समय बढ़ाए जाने और न्यायपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है।
वहीं, उनकी अपनी पार्टी लिबरल पार्टी (PL) पहले ही आधिकारिक चुनाव परिणामों को स्वीकार कर चुकी है। हालांकि, पार्टी ने लोकतांत्रिक दायरे में रहकर चुनाव से जुड़ी चिंताओं को उठाने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट पर राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप
फ्लैवियो ने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि उनका पासपोर्ट जब्त करने, उन्हें हाउस अरेस्ट में रखने और राजनीतिक आधार पर सजा दिलाने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, फ्लैवियो ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
अमेरिका से विपक्ष का नेतृत्व करने की तैयारी
फ्लैवियो ने फ्रांस के प्रसिद्ध नेता चार्ल्स डी गॉल और वेनेजुएला के विपक्षी नेताओं से अपनी तुलना करते हुए कहा कि वह अमेरिका में रहकर ही ब्राजील के विपक्ष का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वह उन लोगों की आवाज उठाते रहेंगे, जो ब्राजील में खुलकर अपनी बात रखने से डरते हैं।
उन्होंने सीनेट अध्यक्ष पद के लिए सीनेटर रोजेरियो मारिन्हो के नाम का समर्थन किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि विपक्ष को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से एकजुट करने की रणनीति का खुलासा जल्द किया जाएगा।
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