वैश्विक संकेतों के बीच सोना-चांदी धड़ाम, एमसीएक्स पर भारी गिरावट

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हालात में नरमी और एशियाई बाजारों में छुट्टियों के माहौल के बीच मंगलवार, 17 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में दोनों कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखने को मिला। सोना ढाई फीसदी से ज्यादा टूट गया, जबकि चांदी में पांच फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान सोने के भाव में करीब 3,800 रुपये की कमी आई, वहीं चांदी लगभग 13,000 रुपये तक सस्ती हो गई।
एमसीएक्स पर सोने की स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना शाम करीब 8:45 बजे 2.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,50,964 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में सोने ने 1,53,959 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ, जबकि निचला स्तर 1,50,730 रुपये रहा। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,54,760 रुपये पर बंद हुआ था।
चांदी में ज्यादा कमजोरी
मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी में बिकवाली और तेज रही। कीमत 5.30 प्रतिशत तक लुढ़क गई और चांदी 12,700 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,27,182 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार करती दिखी। सत्र के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 2,37,720 रुपये और न्यूनतम स्तर 2,26,291 रुपये रहा। इससे पहले चांदी 2,39,891 रुपये पर बंद हुई थी।
गिरावट के पीछे क्या कारण?
कमोडिटी बाजार के जानकार अजय केडिया के मुताबिक, बीते दो वर्षों की तेज तेजी के बाद अब सोने में स्वाभाविक करेक्शन शुरू हो गया है। उन्होंने गिरावट की तीन प्रमुख वजहें बताईं।
पहली वजह वैश्विक तनाव में कमी है। रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता घटने पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग कमजोर हुई है।
दूसरी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है, जो 97 के ऊपर बना हुआ है।
तीसरी और अहम वजह कमोडिटी एक्सचेंजों पर मार्जिन में बढ़ोतरी है, जिससे बड़े सौदे करना महंगा हो गया है। इसके अलावा जनवरी में कई अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी इंडेक्स ने गोल्ड और सिल्वर में अपनी हिस्सेदारी घटाने के संकेत दिए थे।
एशियाई बाजारों की छुट्टियों का असर
चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी विश्लेषक कावेरी मोरे के अनुसार, एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। उन्होंने बताया कि सोना करीब 3.5 प्रतिशत और चांदी 5.5 प्रतिशत तक टूटती नजर आई।
इसी दौरान अमेरिका के कमजोर महंगाई आंकड़ों से यह उम्मीद बनी कि फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इस संभावना से डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव हुआ, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा।
सट्टेबाजों ने घटाई हिस्सेदारी
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सट्टेबाजों ने सोना और चांदी दोनों में अपनी तेजी वाली पोजिशन कम की है। 9 फरवरी 2026 तक की CFTC रिपोर्ट बताती है कि नॉन-कमर्शियल ट्रेडर्स ने सिल्वर फ्यूचर्स में अपनी नेट लॉन्ग पोजिशन घटाकर दो साल के निचले स्तर पर ला दी है। इसी तरह कॉमेक्स में गोल्ड की पोजिशन में भी कटौती देखी गई है।
आगे क्या?
तकनीकी संकेतों की बात करें तो सोना हाल ही में अपने अहम सपोर्ट स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहा है और फिलहाल 20-DEMA के आसपास संघर्ष करता दिख रहा है। ओपन इंटरेस्ट में गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार से लंबी पोजिशन निकल रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के लिए 1,49,000 रुपये और चांदी के लिए 2,25,000 रुपये का स्तर बेहद अहम है। इन स्तरों के नीचे फिसलने पर दोनों धातुओं में गिरावट और गहरी हो सकती है।
कुल मिलाकर कमजोर वैश्विक संकेत, कम लिक्विडिटी और निवेशकों की सतर्कता के चलते फिलहाल सोना-चांदी दबाव में नजर आ रहे हैं। निवेशकों को प्रमुख सपोर्ट स्तरों पर खास नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.