TMC के बागी सांसदों में बढ़ी खींचतान, एनसीपीआई विलय के बाद भविष्य की रणनीति पर मतभेद

HIGHLIGHTS
- TMC के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया है।
- तीन मुस्लिम सांसदों ने राजग को मुद्दों के आधार पर समर्थन देने की बात रखी।
- यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने अमित शाह से मुलाकात की।
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर उनके बीच मतभेद सामने आने लगे हैं। इनमें शामिल तीन मुस्लिम सांसद राजग में शामिल होने के बजाय मुद्दों के आधार पर समर्थन देने के पक्ष में हैं। वहीं, करीब आधा दर्जन सांसदों की इच्छा है कि भविष्य में एनसीपीआई की जगह भाजपा में विलय की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
गौरतलब है कि तकनीकी और कानूनी वजहों से लोकसभा स्पीकर ने अभी तक बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय को मंजूरी नहीं दी है। मंगलवार को राजग संसदीय दल की हुई दोनों बैठकों से दूरी बनाने वाले तीन मुस्लिम सांसद यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुद्दागत समर्थन के आधार पर राजग का साथ देने की बात रखी।
तीनों सांसदों ने गृह मंत्री से धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग भी की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने और मतदाता ट्रिब्यूनल के लंबित मामलों के जल्द निपटारे में देरी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। सांसदों ने कहा कि लंबे समय से देश के वैध नागरिक ट्रिब्यूनल के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
नेतृत्व को लेकर भी असमंजस
बागी सांसदों के गुट में नेतृत्व को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी में नेतृत्व विरोधी अभियान की शुरुआत काकोली दस्तीदार ने की थी। इसके बाद शताब्दी रॉय भी इस मुहिम से जुड़ गईं। बाद में सुदीप बंदोपाध्याय भी विरोधी गुट में शामिल हुए।
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