भागलपुर में उफान पर गंगा, घरों और खेतों में घुसा पानी; 30 मीटर बांध में कटाव

HIGHLIGHTS
- गंगा का जलस्तर 33.52 मीटर तक पहुंच गया।
- टीएमबीयू की प्रोफेसर कॉलोनी और महिला छात्रावास प्रभावित हुए।
- शंकरपुर में सैकड़ों एकड़ सब्जी की फसल पानी में डूबी।
भागलपुर। जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बनी हुई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते भागलपुर शहर से लेकर दियारा क्षेत्र तक निचले इलाकों में पानी फैल गया है। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी घरों और आवासीय परिसरों में पहुंच गया है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर कॉलोनी और महिला छात्रावास भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के कारण लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, सबौर प्रखंड के शंकरपुर में सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जियों की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। बाढ़ का असर सिल्क कारोबार पर भी पड़ने लगा है।
बुधवार शाम छह बजे से गुरुवार सुबह छह बजे तक 12 घंटे में गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर बढ़कर 33.52 मीटर पहुंच गया। भागलपुर में खतरे का निशान 33.68 मीटर है और नदी फिलहाल इससे 16 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
फिलहाल जलस्तर में स्थिरता का रुझान बना हुआ है, लेकिन निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। नेपाल में जल प्रलय की खबरों के चलते लोगों को आगे की स्थिति को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
आपदा विभाग की ओर से प्रभावित लोगों को फिलहाल कोई सहायता नहीं मिली है। विभाग का कहना है कि निर्धारित मानक के अनुसार अभी सहायता उपलब्ध कराने की स्थिति नहीं बनी है। इसे लेकर प्रभावित लोगों में नाराजगी भी है।
नाथनगर में पांच सेंटीमीटर बढ़ा पानी
नाथनगर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। लोगों को उम्मीद थी कि पानी कम होगा, लेकिन रात में जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर बढ़ गया। इससे अब तक गांव नहीं छोड़ने वाले परिवार भी चिंतित हैं। बैरिया पंचायत के सरपंच आशुतोष कुमार ने बताया कि रात में बाढ़ के पानी में करीब पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नवगछिया में खेतों में घुसा पानी
नवगछिया में पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा और कोसी के जलस्तर में पांच से सात सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। खेतों में खड़ी फसल डूब रही है। दियारा क्षेत्र के लोगों के साथ मवेशियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस्माइलपुर, गोपालपुर और नवगछिया के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। इस्माइलपुर के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
सुल्तानगंज में शवों के अंतिम संस्कार में परेशानी
अजगैवीनाथ धाम में गंगा का पानी बढ़ने से मुक्तिधाम और कच्चा श्मशान घाट प्रभावित हुआ है। नगर परिषद की ओर से बनाए गए मुक्तिधाम के चारों तरफ पानी भर गया है। घाट पर पानी जमा होने से शवों के अंतिम संस्कार में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोग किसी तरह अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
महेशी और गनगनियां पंचायतों के निचले हिस्सों में भी पानी फैलने लगा है। सैकड़ों एकड़ में लगी मक्के की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। कल्याणपुर-मोतीचक गांव में लोग जरूरी कामों के लिए टीन से बनी नाव का सहारा ले रहे हैं। इसके बावजूद पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
कहलगांव और पीरपैंती में भी बढ़ी परेशानी
कहलगांव में गंगा का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। गंगा से जुड़ी दूसरी नदियां भी उफान पर हैं। करीब आधे गांव में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
पीरपैंती के चौखंडी के पास दो वर्ष पहले बाढ़ में ध्वस्त हुए पुल के समीप खेत से होकर बनाया गया वैकल्पिक कच्चा रास्ता भी पानी में डूब गया है। इससे बाखरपुर पूर्वी, बाखरपुर पश्चिमी, बाबूपुर समेत दियारा क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। टपुआ गांव चारों ओर पानी से घिरकर टापू जैसा बन गया है।
निचले हिस्सों में खेतों तक पहुंचा पानी
रानीदियारा, एकचारी दियारा, खवासपुर, बाबूपुर टोला, बाखरपुर, मोहनपुर और मधुबन पंचायतों के निचले हिस्सों में पानी खेतों तक पहुंच चुका है और अब गांवों की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि अभी किसी विद्यालय में पानी पहुंचने की सूचना नहीं है और न ही किसी गांव से पलायन की जानकारी मिली है।
राघोपुर जमींदारी बांध के अपस्ट्रीम में 30 मीटर तक फिर भीषण कटाव
खरीक प्रखंड के राघोपुर जमींदारी बांध पर गंगा का दबाव लगातार बढ़ रहा है। देर रात बांध के अपस्ट्रीम हिस्से में करीब 30 मीटर क्षेत्र में एक बार फिर तेज कटाव शुरू हो गया। कटाव बढ़ने से बांध की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है। इसके चलते आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत और चिंता का माहौल है।
जल संसाधन विभाग की टीम सक्रिय
कटाव की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। टीम बांध की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और दबाव के बीच नए सिरे से कटाव शुरू होने से विभाग की चुनौती बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटाव पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
इधर, गंगा में नाव पलटने की घटना के बाद लापता नाविक और मजदूर की तलाश जारी है। स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन और संबंधित टीम नदी में खोज अभियान चला रही है। देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। नाव पलटने की घटना और बांध पर लगातार बढ़ते दबाव से क्षेत्र के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बांध की लगातार निगरानी करने और कटावरोधी कार्य में तेजी लाने की मांग की है।
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