GRSE को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, सरकार ने दी मंजूरी; शेयर पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली। डिफेंस पब्लिक सेक्टर की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) को सरकार की ओर से बड़ा सम्मान मिला है। वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज ने कंपनी को ‘नवरत्न’ का दर्जा प्रदान किया है। यह मंजूरी 19 जून 2026 के आधिकारिक मेमोरेंडम के जरिए दी गई।
इस घोषणा के बाद GRSE का शेयर सोमवार को निवेशकों की निगाहों में रहेगा। बीते शुक्रवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर 2,797.30 रुपये पर बंद हुआ था, जिसमें 0.96 फीसदी या 27.20 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।
कंपनी के लिए रणनीतिक बढ़त
कोलकाता स्थित यह शिपबिल्डिंग कंपनी अब नवरत्न दर्जा मिलने के बाद अधिक वित्तीय स्वतंत्रता का लाभ उठा सकेगी। इससे कंपनी को बड़े निवेश निर्णय लेने, परियोजनाओं के विस्तार और रणनीतिक योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।
GRSE के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कमोडोर पी. आर. हरि (सेवानिवृत्त) ने इस उपलब्धि को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह दर्जा कंपनी को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद करेगा।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी की फाइलिंग के मुताबिक, GRSE का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2022 में 1,754 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 7,002 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी अवधि में टैक्स के बाद मुनाफा भी 190 करोड़ रुपये से बढ़कर 748 करोड़ रुपये हो गया है।
डिलीवरी और प्रोजेक्ट्स में विस्तार
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल 8 युद्धपोत नौसेना को सौंपे, जिनमें एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘दूनागिरी’, सर्वे वेसल ‘संशोधक’ और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अग्रय’ शामिल हैं।
GRSE वर्तमान में ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है। अब तक कंपनी 800 से अधिक मरीन प्लेटफॉर्म तैयार कर चुकी है और भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड तथा मित्र देशों को 118 युद्धपोत सौंप चुकी है। इसके अलावा कंपनी जर्मन क्लाइंट के लिए 12 मल्टी-पर्पस वेसल का निर्माण भी कर रही है।
शेयर परफॉर्मेंस का सफर
लिस्टिंग के समय अक्टूबर 2018 में GRSE का शेयर 102.05 रुपये पर था, जो पिछले वर्ष जून में 3,535 रुपये के स्तर तक पहुंच गया था। मौजूदा स्तर 2,797.30 रुपये के हिसाब से भी यह शेयर पिछले पांच वर्षों में 1,241 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज कर चुका है।



















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