बारिश में चिता के ऊपर तानी चादर, हाथरस के श्मशान की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- 55 वर्षीय अनिल का बीमारी के चलते निधन हुआ था।
- अंतिम संस्कार के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई।
- चिता को बारिश से बचाने के लिए लोगों ने चादर तान दी।
हाथरस: सादाबाद के मांगरू गांव में श्मशान की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। यहां बारिश से बचने के लिए टीनशेड तक नहीं होने के कारण लोगों को चिता के ऊपर चादर तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। चिता जल रही थी और उसके ऊपर बारिश से बचाव के लिए चादर लगी थी। यह तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
गांव के रहने वाले 55 वर्षीय अनिल की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शनिवार को परिजन उनका शव लेकर श्मशान पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश के बीच चिता जलती रही और लोगों ने उससे बचने के लिए ऊपर चादर तान ली। इसी तरह किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
बारिश में अंतिम संस्कार करना होता है मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार करना काफी मुश्किल हो जाता है। स्थायी टीनशेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार बारिश से बचने के लिए अस्थायी इंतजाम करना पड़ता है। ग्रामीणों ने श्मशान में टीनशेड बनवाने की मांग की है।
प्रशासक रामकली ने बताया कि वायरल हो रही तस्वीर मांगरू से खेरिया जाने वाले मार्ग पर स्थित श्मशान स्थल की है। उन्होंने बताया कि यहां टीनशेड नहीं बना हुआ है। इस समस्या की जानकारी अधिकारियों को भी दी जा चुकी है।
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