हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री समेत सभी जनप्रतिनिधियों का वेतन स्थगित

HIGHLIGHTS
- हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और विधायकों के वेतन का एक हिस्सा अगले छह महीनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया है।
- इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (संसदीय कार्य मामले) की ओर से शनिवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।
- वेतन का कितना हिस्सा रहेगा स्थगित जारी आदेश के अनुसार अगले छह माह तक मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा स्थगित रहेगा।
- वहीं उपमुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के…
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और विधायकों के वेतन का एक हिस्सा अगले छह महीनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (संसदीय कार्य मामले) की ओर से शनिवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।
वेतन का कितना हिस्सा रहेगा स्थगित
जारी आदेश के अनुसार अगले छह माह तक मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा स्थगित रहेगा। वहीं उपमुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन का 30 प्रतिशत भाग अस्थायी रूप से रोका गया है। इसके अलावा विधानसभा सदस्यों के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा भी फिलहाल स्थगित किया गया है।
स्थगन कटौती नहीं, बाद में मिलेगा भुगतान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि किसी प्रकार की कटौती नहीं मानी जाएगी। वेतन का स्थगित हिस्सा बाद में राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार तय समय पर जारी किया जाएगा। इस कदम को वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए एक अस्थायी व्यवस्था बताया गया है। यह अधिसूचना मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा जारी की गई है।
बजट में हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 21 मार्च को पेश किए गए बजट में आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह घोषणा की थी कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन में 3 से 50 प्रतिशत तक की कटौती/स्थगन छह माह के लिए किया जाएगा।
उस समय ग्रुप-ए और ग्रुप-बी अधिकारियों के वेतन में 3 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव भी शामिल था, जिसे बाद में 15 अप्रैल को वापस ले लिया गया था। यह निर्णय रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा घोषित किया गया था।
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