हिमाचल: बिजली बोर्ड के ऑनलाइन सिस्टम की होगी समीक्षा, अपग्रेड या नए ERP पर होगा फैसला

HIGHLIGHTS
- बिजली बोर्ड के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं की मासिक बिलिंग इसी सिस्टम से होती है।
- बिल तैयार करने और भुगतान का रिकॉर्ड रखने में सिस्टम की अहम भूमिका है।
- वित्तीय कार्यों के साथ खरीद और स्टोर संबंधी काम भी इसी माध्यम से संचालित होते हैं।
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड अपने ऑनलाइन कामकाज में इस्तेमाल किए जा रहे SAP-ERP और ISU बिलिंग सिस्टम की व्यापक समीक्षा करने जा रहा है। बोर्ड यह तय करेगा कि मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड करके आगे जारी रखा जाए या फिर नया और आधुनिक ERP सिस्टम लागू किया जाए। इसके लिए बोर्ड ने विशेषज्ञ कंपनियों से आवेदन मांगे हैं।
विशेषज्ञ कंपनियां मौजूदा सिस्टम का परीक्षण कर उसकी कमियों, तकनीकी समस्याओं और भविष्य की जरूरतों का आकलन करेंगी। इसके बाद बोर्ड को आगे की व्यवस्था को लेकर सुझाव दिए जाएंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख पहले एक सितंबर निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 14 सितंबर कर दिया गया है।
सात सितंबर को जारी करेक्शनडम में इसकी जानकारी दी गई है। बिजली बोर्ड के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं की हर महीने की बिलिंग इसी सिस्टम के जरिए होती है। बिल तैयार करने से लेकर भुगतान का रिकॉर्ड रखने और उपभोक्ताओं से संबंधित आंकड़ों के प्रबंधन तक में सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके अलावा बोर्ड के वित्तीय कार्य, खरीद, स्टोर, मानव संसाधन और अन्य ऑनलाइन प्रशासनिक कामकाज भी इसी सिस्टम के माध्यम से संचालित होते हैं। विशेषज्ञ एजेंसी मौजूदा ERP और बिलिंग सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सिस्टम भविष्य में आने वाली जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है या नहीं।
एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर बिजली बोर्ड यह फैसला करेगा कि मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड किया जाए या नया प्लेटफॉर्म लागू किया जाए। इसका उद्देश्य बोर्ड के ऑनलाइन कामकाज और उपभोक्ता बिलिंग व्यवस्था को अधिक बेहतर और आधुनिक बनाना है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.