हिमाचल के 155 सरकारी CBSE स्कूलों को मिलेगी एक समान पहचान, यूनिफॉर्म से लेकर रंग तक तय

HIGHLIGHTS
- शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यूनिफॉर्म को लेकर फैसला लिया गया
- विद्यार्थियों की ड्रेस हरे रंग की थीम पर आधारित होगी
- महिला शिक्षिकाओं के लिए हल्के लाइलैक रंग की पोशाक तय की गई
हिमाचल प्रदेश के 155 सरकारी सीबीएसई स्कूलों को अब एक समान और अलग पहचान मिलेगी। राज्य सरकार ने इन स्कूलों के विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, शिक्षकों के ड्रेस कोड और स्कूल भवनों के रंग को अंतिम रूप दे दिया है। तय किया गया है कि सभी सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थी हरे रंग की थीम पर आधारित यूनिफॉर्म पहनेंगे। महिला शिक्षिकाओं के लिए हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक, जबकि पुरुष शिक्षकों के लिए हल्के नीले रंग की शर्ट-पैंट निर्धारित की गई है।
गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसी बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अलावा स्कूल भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों में रंगने का फैसला किया गया है। इससे सभी स्कूलों की एकरूप और अलग पहचान स्थापित हो सकेगी।
सरकार ने शिक्षकों के लिए औपचारिक, शालीन और पेशेवर ड्रेस कोड अनिवार्य करने का भी निर्णय लिया है। ड्यूटी के दौरान शिक्षकों को पहचानपत्र पहनना होगा और न्यूनतम सहायक वस्तुओं का इस्तेमाल करना होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन फैसलों से स्कूलों में अनुशासन, पेशेवर संस्कृति और संस्थागत छवि को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में सरकारी सीबीएसई स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा पांच करोड़ रुपये और उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है।
स्कूलों को मिलेगी मजबूत ब्रांड पहचान
सरकार का मानना है कि नई यूनिफॉर्म और रंग योजना का उद्देश्य केवल स्कूलों का सौंदर्यीकरण करना नहीं है। इससे सरकारी सीबीएसई स्कूलों को एक मजबूत ब्रांड पहचान भी मिलेगी। सरकार के अनुसार, इससे विद्यार्थियों में अपने स्कूल के प्रति जुड़ाव और गर्व की भावना बढ़ेगी और सरकारी स्कूलों की आकर्षण क्षमता में भी इजाफा होगा।
बैठक में विधायक सुरेश कुमार, चंद्रशेखर और नीरज नैय्यर, हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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