पीएम मोदी को मिले खास उपहारों की होगी ई-नीलामी, 17 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया

HIGHLIGHTS
- नीलामी की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से आधिकारिक पोर्टल पर होगी।
- इस संस्करण में 50 ‘हीरो ऑब्जेक्ट्स’ भी शामिल किए गए हैं।
- कई वस्तुओं की शुरुआती कीमत लाखों रुपये तय की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अलग-अलग अवसरों पर मिले विशेष उपहार अब आम लोगों, संग्रहकर्ताओं और संस्थानों के लिए खरीदने का मौका होगा। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को नई दिल्ली में पीएम ममेंटोज ई-नीलामी के आठवें संस्करण की शुरुआत की। आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से यह ई-नीलामी 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इस बार 1,498 ममेंटोज नीलामी के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इन ममेंटोज में भारत की कला, संस्कृति, परंपरा, शिल्प और आध्यात्मिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
ई-नीलामी में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी कई प्रकार की वस्तुओं को शामिल किया गया है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री के अनुसार, इस संग्रह में भारत की कलात्मक परंपराओं, पारंपरिक कारीगरी, सांस्कृतिक प्रथाओं, आध्यात्मिक परंपराओं और खेल उपलब्धियों से संबंधित वस्तुएं मौजूद हैं। संग्रह में राज्यवार प्रतिनिधित्व भी देखने को मिलता है। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा से बड़ी संख्या में ममेंटोज शामिल किए गए हैं। इस संस्करण में 50 विशेष ‘हीरो ऑब्जेक्ट्स’ भी चिन्हित किए गए हैं।
नीलामी में कौन-कौन सी खास वस्तुएं शामिल हैं?
ई-नीलामी में कई ऐसी वस्तुएं शामिल हैं, जिनकी शुरुआती बोली लाखों रुपये में रखी गई है। कर्नाटक से भगवान राम का चांदी का ममेंटो 13.50 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर रखा गया है। वहीं, काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति की शुरुआती कीमत 9 लाख रुपये है। गोंड कला की ‘ट्री ऑफ लाइफ’ पेंटिंग के लिए शुरुआती कीमत 7.50 लाख रुपये तय की गई है।
इसके अलावा, रथ पर जगन्नाथ परिवार को दर्शाने वाली कलाकृति की शुरुआती कीमत 6 लाख रुपये रखी गई है। 99.99 फीसदी शुद्ध सोने से प्लेटेड फ्रेम वाली राधा-कृष्ण कलाकृति की नीलामी 5.40 लाख रुपये की शुरुआती कीमत से शुरू होगी।
आम लोग इस नीलामी में कैसे जुड़ सकेंगे?
पीएम ममेंटोज ई-नीलामी का आयोजन कई संस्करणों से किया जा रहा है और इसमें नागरिकों, संग्रहकर्ताओं तथा संस्थानों ने भाग लिया है। इस पहल के माध्यम से इन ममेंटोज को पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। नीलामी में भाग लेने से पहले लोग प्रदर्शनी में इन वस्तुओं को देख भी सकते हैं।
प्रदर्शनी के दौरान देश की पारंपरिक कारीगरी, कलात्मक शैलियों और विभिन्न सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। संस्कृति मंत्रालय ने नागरिकों, संस्थानों, कंपनियों और कला प्रेमियों से ई-नीलामी में हिस्सा लेने की अपील की है।
नीलामी से मिलने वाली रकम कहां जाएगी?
पीएम ममेंटोज ई-नीलामी से प्राप्त राशि नमामि गंगे कार्यक्रम को दी जाएगी। प्रधानमंत्री को मिले इन उपहारों की नीलामी से मिलने वाले धन का इस्तेमाल गंगा नदी के पुनरुद्धार और संरक्षण से जुड़े राष्ट्रीय अभियान में किया जाएगा। इस तरह यह पहल देश की सांस्कृतिक विरासत को गंगा संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान से जोड़ती है।
वस्तुओं के दस्तावेजीकरण, प्रदर्शनी और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारी संस्कृति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा, नई दिल्ली ने संभाली है।
भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया कौन संभालेगा?
ई-नीलामी की तकनीकी और भुगतान संबंधी प्रक्रिया के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ समन्वय किया गया है। एनआईसी की ओर से पोर्टल और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, वस्तुओं के मूल्यांकन और कीमत तय करने के लिए संबंधित अधिकारियों की मदद ली गई है।
एसबीआई भुगतान गेटवे से जुड़ी सहायता प्रदान करेगा। सफल बोलीदाताओं के लिए वस्तुओं की पैकिंग और डिलीवरी की जिम्मेदारी निर्धारित फाइन आर्ट हैंडलिंग एजेंसी की होगी।
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