भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच BIMSTEC बैठक से दूर रहेंगे गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद

HIGHLIGHTS
- बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी करेंगे।
- BIMSTEC की अध्यक्षता बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में संभाली थी।
- बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होगी।
भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद नई दिल्ली में आयोजित होने वाली बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व एक वरिष्ठ नौकरशाह के नेतृत्व में आने वाला प्रतिनिधिमंडल करेगा।
बांग्लादेश की ओर से कौन करेगा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व?
बांग्ला ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के गृह मामलों के वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी दो दिवसीय बैठक में अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। बैठक की शुरुआत सोमवार को सदस्य देशों के गृह और आंतरिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी के साथ हो रही है।
सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की बैठक मंगलवार को आयोजित की जाएगी।
क्या है BIMSTEC?
बिम्सटेक का पूरा नाम 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' है। यह बंगाल की खाड़ी क्षेत्र का एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
बिम्सटेक का उद्देश्य क्या है?
इस संगठन का मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के देशों के बीच आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में बिम्सटेक की अध्यक्षता संभाली थी।
गृह मंत्रियों की पहली बैठक का उद्देश्य दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना है।
तारिक रहमान ने ब्रिक्स समिट में भी नहीं लिया हिस्सा
रिपोर्ट में सलाहुद्दीन अहमद के बैठक में शामिल नहीं होने की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि, यह फैसला अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में आई गिरावट के बीच सामने आया है। इसके बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं।
पिछले महीने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट के आउटरीच सत्र में हिस्सा नहीं लिया था। भारत सरकार ने उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया था।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, मंजूर मोर्शेद चौधरी के नेतृत्व वाले बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल होंगे। शाहिदुल करीम सार्क, बिम्सटेक और अन्य प्राथमिकता वाले मुद्दों को देखते हैं।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद तथा अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी।
मंगलवार की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
यूएनबी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को होने वाली बैठक में भूटान के गृह मंत्री, म्यांमार के केंद्रीय गृह मंत्री, नेपाल के गृह मंत्री, श्रीलंका के जन सुरक्षा एवं संसदीय मामलों के मंत्री और थाईलैंड की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप महासचिव के शामिल होने की उम्मीद है।
शेख हसीना की भारत में मौजूदगी बना विवाद का मुद्दा
भारत में शेख हसीना की मौजूदगी दोनों देशों के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। बांग्लादेश सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। वहीं, भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण संबंधी अनुरोध की जांच लागू कानूनों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि नई दिल्ली में शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस बातचीत के कारण तारिक रहमान की यात्रा के लिए अनुकूल माहौल प्रभावित हुआ था।
इस पर भारत ने कहा था कि शेख हसीना से जुड़े मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का वह समर्थन नहीं करता है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.